यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा प्राचीन भारत का इतिहास PYQ (2018–2025) उत्तर व व्याख्या सहित
2018–2025 के बीच यूपीपीएससी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में प्राचीन भारत का इतिहास से 33 प्रश्न पूछे गए। इन्हें साथ पढ़ने से पता चलता है कि कौन-से विषय बार-बार आते हैं और प्रश्न किस तरह बनाए जाते हैं।
प्राचीन व्यापार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन भारत में बहुत से नदी बन्दरगाह के संदर्भ मिलते हैं।
2. वहाँ सामान और यातायात के बड़े गोदाम थे।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) 1 और 2 दोनों
(b) न तो 1 न ही 2
(c) केवल 1
(d) केवल 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) 1 और 2 दोनों
प्राचीन ग्रंथों में चम्पा, ताम्रलिप्ति और प्रतिष्ठान जैसे अनेक नदी बंदरगाहों और बड़े व्यापारिक केंद्रों (गोदामों) का उल्लेख है जहाँ माल एकत्र कर आगे भेजा जाता था। दोनों कथन सही हैं।
अशोक के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अशोक ने धम्म की जो परिभाषा दी है, वह "राहुलोवादसुत्त" से ली गई है।
2. अपने राज्याभिषेक के 14वें वर्ष में अशोक ने धम्ममहामात्र नामक एक नवीन प्रकार के कर्मचारी की नियुक्ति की।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) 1 और 2 दोनों
(b) न तो 1 न ही 2
(c) केवल 1
(d) केवल 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) 1 और 2 दोनों
मानक पुस्तकों के अनुसार अशोक की धम्म की परिभाषा राहुलोवादसुत्त से ली गई है, और उन्होंने राज्याभिषेक के 14वें वर्ष में धम्म-महामात्रों की नियुक्ति की (पाँचवाँ शिलालेख 'अभिषेक के तेरह वर्ष बाद' कहता है)। दोनों कथन सही माने गए हैं; जाँच लें।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
चन्द्रगुप्त-II के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं/हैं?
1. शक विजय के सन्दर्भ में सबसे सबल प्रमाण इस नरेश की रजत मुद्रायें हैं।
2. इन मुद्राओं की तौल लगभग 33 ग्रेन हुआ करती थी।
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजियेः
कूटः
(a) न तो 1 न ही 2
(b) 1 तथा 2 दोनों
(c) केवल 2
(d) केवल 1
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) 1 तथा 2 दोनों
पश्चिमी क्षत्रपों को जीतने के बाद उन्हीं की शैली में जारी चन्द्रगुप्त द्वितीय की रजत मुद्राएँ शक विजय का सबसे सबल प्रमाण हैं। इनकी तौल लगभग 30–35 ग्रेन (लगभग 33) थी। दोनों कथन सही माने गए हैं।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
निम्नलिखित में से अशोक का कौन-सा शिला लेख धार्मिक संश्लेषण (समन्वय) के बारे में कहता हैं?
(a) ग्यारहवाँ शिला लेख
(b) बारहवाँ शिला लेख
(c) तेरहवाँ शिला लेख
(d) द्वितीय शिला लेख
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) बारहवाँ शिला लेख
बारहवाँ बृहद शिलालेख सभी सम्प्रदायों के सम्मान और वाणी-संयम (वचगुति) का आग्रह करता है ताकि सभी धर्मों का सार बढ़े; यह अशोक का धार्मिक सहिष्णुता संबंधी शिलालेख है।
निम्नलिखित युग्मों में से कौन एक सही सुमेलित नहीं हैं?
(a) ईशानवर्मन - हरहा पाषाण अभिलेख
(b) सर्ववर्मन - गया ताम्र पत्र
(c) जीवित गुप्ता-II - दैव वर्णार्क अभिलेख
(d) ईश्वरवर्मन - जौनपुर प्रस्तर अभिलेख
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) सर्ववर्मन - गया ताम्र पत्र
गया ताम्रपत्र समुद्रगुप्त का है, मौखरि सर्ववर्मन का नहीं (वे असीरगढ़ मुहर से ज्ञात हैं)। हरहा – ईशानवर्मन, देव-बरनार्क – जीवितगुप्त द्वितीय और जौनपुर – ईश्वरवर्मन सही हैं।
मौर्य काल में 'एग्रोनोमई' अधिकारी निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से संबंधित थे?
(a) माप और तौल
(b) प्रशासन प्रबंधन
(c) मार्ग निर्माण
(d) राजस्व प्रबंधन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) मार्ग निर्माण
मेगस्थनीज़ के अनुसार एग्रोनोमोई ज़िला अधिकारी थे जो मार्ग-निर्माण (सड़कें बनाना, दूरी-स्तंभ लगाना), सिंचाई और भूमि-माप देखते थे; एस्टिनोमोई नगर अधिकारी थे।
नीचे दो कथन दिये गये हैं, जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
कथन (A): हमें चोलों के विषय में उनके पूर्ववर्ती राजवंशों की अपेक्षा अधिक जानकारी है।
कारण (R): चोल शासकों ने मंदिरों की दीवारों पर अभिलेख उत्कीर्ण करने का चलन प्रारंभ किया जिनमें उनकी विजयों के ऐतिहासिक विवरण दिये जाते थे।
कूट:
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
(c) (A) सही है परंतु (R) गलत है
(d) (A) गलत है परंतु (R) सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
राजराज प्रथम से चोलों ने अभिलेखों में मेयकीर्ति (विजयों के ऐतिहासिक प्रस्तावना) जोड़ी और उन्हें मंदिर-दीवारों पर उकेरा; इसलिए उनके बारे में पूर्ववर्ती राजवंशों से कहीं अधिक जानकारी है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए-
1. मुल्तान के सूर्य मन्दिर का उल्लेख ह्वेनसांग, आबूजईद, अल्मसूदी तथा अल्बेरूनी ने किया है।
2. साम्बपुर यात्रोत्सव सूर्यपूजा से संबन्धित था।
कूट:
(a) केवल 1 सही है
(b) केवल 2 सही है
(c) 1 और 2 दोनों सही हैं
(d) न तो 1 न ही 2 सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों सही हैं
मुल्तान के सूर्य मंदिर का वर्णन ह्वेनसांग, अबू ज़ैद, अल-मसूदी और अलबरूनी ने किया है; मुल्तान ही प्राचीन साम्बपुर था, जो साम्ब के सूर्य-संप्रदाय से जुड़ा था, और वहाँ की यात्रा सूर्यपूजा का उत्सव थी।