यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा मध्यकालीन भारत का इतिहास PYQ (2018–2025) उत्तर व व्याख्या सहित
2018–2025 के बीच यूपीपीएससी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में मध्यकालीन भारत का इतिहास से 50 प्रश्न पूछे गए। इन्हें साथ पढ़ने से पता चलता है कि कौन-से विषय बार-बार आते हैं और प्रश्न किस तरह बनाए जाते हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): सल्तनत के क्षेत्रों को मोटे तौर पर दो भागों में विभाजित किया जा सकता है खालसा और जागीरें।
कारण (R): जागीरों में राज्य के नियंत्रण में आने वाली भूमि शामिल थी।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूटः
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
(b) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है
(c) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है
(d) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है
सल्तनत का क्षेत्र मोटे तौर पर खालसा (राजकीय भूमि, जिसका राजस्व सीधे खज़ाने में जाता था) और इक्ता/जागीर के रूप में दी गई भूमि में बँटा था। सीधे राज्य नियंत्रण वाली भूमि खालसा थी, जागीरें नहीं, अतः (R) गलत है।
बैरम खाँ के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. अकबर ने बैरम खाँ को खान-ए-खाना की उपाधि दी।
2. यह उपाधि साम्राज्य के वजीर के रूप में बैरम खाँ की नियुक्ति के समय नहीं दी गई।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) 1 और 2 दोनों
(b) न तो 1 न ही 2
(c) केवल 1
(d) केवल 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) केवल 1
अकबर ने 1556 में बैरम खाँ को साम्राज्य का संरक्षक और वकील (वज़ीर) बनाते समय ही खान-ए-खाना की उपाधि दी, अतः कथन 2 गलत माना गया है; उत्तर-कुंजी से जाँचें।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) : शिवाजी को बड़े देशमुखों के विरोध का सामना करना पड़ा।
कारण (R) : ये देशमुख स्वतंत्र मराठा राज्य के पक्ष में नहीं थे और बीजापुर के सामंत ही बने रहना चाहते थे।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिएः
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है।
(c) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(d) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
शक्तिशाली देशमुखों ने शिवाजी का विरोध किया क्योंकि वे स्वतंत्र मराठा राज्य के स्थान पर बीजापुर के सामंत बने रहना चाहते थे। (R), (A) की सही व्याख्या है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): भारत पर तुर्की आक्रमन सफल हुआ।
कारण (R): उत्तर भारत में राजनीतिक एकता नहीं थी।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिएः
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है।
(c) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(d) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
तुर्की आक्रमण मुख्यतः इसलिए सफल हुए क्योंकि उत्तर भारत प्रतिद्वंद्वी राजपूत राज्यों में बँटा था और राजनीतिक एकता नहीं थी, अतः वे मिलकर प्रतिरोध नहीं कर सके। (R), (A) की सही व्याख्या है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): बलबन ने अपने शासन को सुदृढ़ बनाया और सम्पूर्ण सत्ता को अपने हाथों में केन्द्रित कर लिया।
कारण (R): वह उत्तर-पश्चिम सीमा को मंगोल आक्रमणों से सुरक्षित करना चाहता था।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिएः
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है।
(c) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(d) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
बलबन ने सुदृढ़, केंद्रीकृत राजतंत्र (राजत्व सिद्धांत, 'रक्त और लौह' नीति, पुनर्गठित सेना) मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी सीमा को मंगोलों से बचाने हेतु बनाया। (R), (A) की सही व्याख्या है।
शेरशाह को अपनी वीरता से प्रभावित करने वाले जयता और कुम्मा किस स्थान से संबंधित थे?
(a) बुंदेलखण्ड
(b) मालवा
(c) मारवाड़
(d) मेवाड़
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) मारवाड़
जैता और कूंपा मारवाड़ के राव मालदेव के सेनापति थे; सुमेल (गिरी-सुमेल, 1544) के युद्ध में उनकी वीरता देखकर शेरशाह ने कहा कि मुट्ठी भर बाजरे के लिए वह हिन्दुस्तान का साम्राज्य खो देता।
मलिक सरवर (ख़्वाजा-ए-जहाँ) ने जौनपुर के शर्की राज्य की स्थापना की, मालवा की नहीं; राणा हम्मीर (मेवाड़), राव चूँडा (मारवाड़), मलिक राजा फ़ारूक़ी (खानदेश) सही हैं।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए-
सूची-I (अधिकारी): A. दीवान-ए-तन, B. मुस्तार्फी, C. मुशारिफ, D. बकियानवीस
सूची-II (विहित कर्तव्य): 1. कार्यालय को संभालने के लिये, 2. प्रमुख घटनाओं व फरमानों को सूचिबद्ध करना, 3. जागीर व वेतन को देखना, 4. राज्य की आय-व्यय का निरीक्षण करना
कूट:
(a) 2 4 1 3
(b) 3 4 1 2
(c) 1 3 2 4
(d) 4 1 2 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) 3 4 1 2
मुग़ल प्रशासन में दीवान-ए-तन जागीर व वेतन, मुस्तौफ़ी आय-व्यय की लेखा परीक्षा, मुशरिफ़ कार्यालय (लेखा) और वाक़िया-नवीस घटनाओं व फ़रमानों का अभिलेख रखते थे: A-3, B-4, C-1, D-2।
निम्नलिखित में से किस मुगल कालीन नहर का निर्माण फिरोज शाह की रजबवाह को पुनर्जीवित करके किया गया?
(a) शेखनू-नी
(b) शहाब नहर
(c) नहर-ए-बिहिश्त
(d) नहर-ए-आगरा
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) शहाब नहर
अकबर के समय शिहाबुद्दीन अहमद ख़ाँ ने फ़िरोज़ शाह की रजबवाह (पश्चिमी यमुना) नहर को पुनर्जीवित किया, जो नहर-ए-शिहाब (शहाब नहर) कहलाई; शाहजहाँ के समय अली मर्दान ख़ाँ ने इसका विस्तार किया।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
नीचे दो कथन दिये गए हैं जिनमें एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A): अकबर ने शेरशाह की तरह राज्य के सिक्को के प्रचलन को नियमित करने का प्रयास किया।
कारण (R): शेरशाह की मुद्रा पद्धति के समान अकबर के समय का ताम्र का प्रमुख सिक्का दाम था।
नीचे दिये कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिये:
कूट:
(a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है
(b) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
(c) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है
(d) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
दोनों सही हैं: अकबर ने शेरशाह की त्रि-धात्विक मुद्रा व्यवस्था को जारी व मानकीकृत किया और ताँबे का दाम मुख्य ताम्र सिक्का रहा; पर दाम की निरंतरता मुद्रा-नियमन के प्रयास की व्याख्या नहीं है।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
निम्नलिखित युद्धों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिये और नीचे दिये कूटों में से सही उत्तर चुनिए:
I. सर्राल का युद्ध
II. बिलग्राम का युद्ध
III. धरमत का युद्ध
IV. जजाऊ का युद्ध
कूट:
(a) II, I, III, IV
(b) II, III, IV, I
(c) III, II, I, IV
(d) III, I, II, IV
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) II, I, III, IV
बिलग्राम/कन्नौज (1540, शेरशाह ने हुमायूँ को हराया), सरनाल (1572, अकबर ने गुजरात में मिर्ज़ाओं को हराया), धरमत (1658, उत्तराधिकार युद्ध), जाजऊ (1707): II, I, III, IV।
निम्नलिखित में से कौन-सी एक विशिष्टता 'इक्ता व्यवस्था' की नहीं है?
(a) इक्ता एक राजस्व एकत्रित करने की व्यवस्था थी
(b) सियासतनामा इक्ता व्यवस्था की जानकारी का स्रोत था
(c) इक्ता में एकत्रित राजस्व सीधा सुल्तान के खाते में जाती थी
(d) मुक्ती को इक्ता से एकत्रित राजस्व से सैनिक रखने पड़ते थे
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) इक्ता में एकत्रित राजस्व सीधा सुल्तान के खाते में जाती थी
मुक्ती इक्ता का राजस्व वसूलता, उससे सैनिक रखता और केवल अधिशेष (फवाज़िल) केंद्र को भेजता था, अतः राजस्व सीधे सुल्तान के खजाने में नहीं जाता था; निज़ामुल मुल्क तूसी का सियासतनामा इक्ता का वर्णन करता है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A): भारत पर तुर्की आक्रमण सफल हुए।
कारण (R): उत्तर भारत में राजनीतिक एकता नहीं थी।
नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट:
(a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है।
(b) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं है।
(c) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है।
तुर्की आक्रमण (गज़नवी और गोरी) मुख्यतः इसलिए सफल हुए कि उत्तर भारत आपस में लड़ते राजपूत राज्यों में बँटा था और वे एकजुट नहीं हो सके; अतः कारण कथन की सही व्याख्या है।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
निम्न में से कौन-सी संस्था विदेशी व्यापार से संबंधित थी?
(a) श्रेणी
(b) नगरम
(c) नानादेशि
(d) मणिग्राम
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) नानादेशि
नानादेशी (ऐन्नूर्रुवर या 'पाँच सौ') दक्षिण भारत के घुमंतू व्यापारी संघ थे जो विदेशी व्यापार करते थे; नगरम स्थानीय व्यापारी संस्था और श्रेणी शिल्प/व्यापार संघ थी।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
मध्यकालीन भारत के ऐतिहासिक स्रोतों में चकला शब्द का प्रयोग हुआ है। यह
(a) परगना के समानार्थी था
(b) सरकार के समानार्थी था
(c) सूबा और परगना के बीच की क्षेत्रीय ईकाई था, लेकिन सरकार के समानार्थी नहीं था।
(d) उपर्लिखित में से कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) सूबा और परगना के बीच की क्षेत्रीय ईकाई था, लेकिन सरकार के समानार्थी नहीं था।
चकला सूबा और परगना के बीच की क्षेत्रीय इकाई थी (जैसे मुर्शिद कुली खाँ के बंगाल और अवध में); यह परगनों को मिलाकर बना राजस्व खंड था, सरकार का पर्याय मात्र नहीं।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
अलाउद्दीन खिलजी के समय वारंगल पर प्रतापरुद्र देव (काकतीय) का शासन था; रामचन्द्र देव देवगिरि के शासक थे (बाद में शंकर देव)। होयसल (वीर बल्लाल तृतीय) और मदुरा (वीर पाण्ड्य) सही हैं।