यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा भौतिक भूगोल PYQ (2016–2025) उत्तर व व्याख्या सहित
2016–2025 के बीच यूपीएससी सिविल सेवा (IAS) प्रारंभिक परीक्षा में भौतिक भूगोल से 35 प्रश्न पूछे गए। इन्हें साथ पढ़ने से पता चलता है कि कौन-से विषय बार-बार आते हैं और प्रश्न किस तरह बनाए जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-से महाद्वीपीय विस्थापन की घटना के साक्ष्य हैं?
I. ब्राज़ील तट की प्राचीन शैलों की मेखला, पश्चिमी अफ्रीका तट की प्राचीन शैलों की मेखला से मिलती है।
II. घाना के स्वर्ण-निक्षेप ब्राज़ील पठार से व्युत्पन्न होते हैं, जब ये दोनों महाद्वीप अगल-बगल अवस्थित होते हैं।
III. यह ज्ञात है कि भारत के गोंडवाना अवसाद तंत्र के प्रतिरूप दक्षिणी गोलार्ध के छः विभिन्न भूखंडों में मिलते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) केवल I और III
(b) केवल I और II
(c) I, II और III
(d) केवल II और III
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) I, II और III
तीनों महाद्वीपीय विस्थापन के प्रमाण माने जाते हैं: ब्राज़ील और पश्चिम अफ़्रीका के तटों की प्राचीन चट्टानी पट्टियों का मेल, घाना के स्वर्ण भंडार का ब्राज़ील पठार से संबंध जब दोनों महाद्वीप जुड़े थे, और भारत के गोंडवाना अवसादों के समकक्ष दक्षिणी गोलार्ध के छह भूभागों में।
कथन I : जनवरी में, उत्तरी गोलार्ध में, समताप रेखाएँ भूखण्डों से गुजरती हुई विषुवत् वृत्त की ओर मुड़ती हैं, जबकि महासागरों से गुजरती हुई ध्रुव की ओर मुड़ती हैं।
कथन II : जनवरी में, महासागरों के ऊपर की हवा, उत्तरी गोलार्ध के भूखण्डों के ऊपर की हवा से अधिक गर्म होती है।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
(a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II, कथन I की व्याख्या करता है
(b) कथन I और कथन II दोनों सही हैं किन्तु कथन II, कथन I की व्याख्या नहीं करता है
(c) कथन I सही है किन्तु कथन II सही नहीं है
(d) कथन I सही नहीं है किन्तु कथन II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II, कथन I की व्याख्या करता है
दोनों कथन सही हैं और कथन II, कथन I की व्याख्या करता है। उत्तरी शीत ऋतु (जनवरी) में स्थल महासागरों से ठंडे होते हैं, इसलिए समताप रेखाएँ स्थल पर विषुवत की ओर और गर्म महासागरों पर ध्रुव की ओर मुड़ती हैं।
कथन I : शैलों पर जल के प्रभाव के संदर्भ में, चॉक एक अत्यंत पारगम्य शैल के रूप में ज्ञात है, जबकि मृत्तिका एक नितांत अपारगम्य या न्यूनतम पारगम्य शैल के रूप में ज्ञात है।
कथन II : चॉक सरंध्र होता है, अतः जल अवशोषित कर सकता है।
कथन III : मृत्तिका बिल्कुल ही सरंध्र नहीं है।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
(a) कथन II और कथन III दोनों सही हैं तथा वे दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं
(b) कथन II और कथन III दोनों सही हैं किन्तु उनमें से केवल एक, कथन I की व्याख्या करता है
(c) कथन II और कथन III में से केवल एक सही है तथा वह कथन I की व्याख्या करता है
(d) न तो कथन II और न ही कथन III सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) कथन II और कथन III में से केवल एक सही है तथा वह कथन I की व्याख्या करता है
कथन I सही है: चॉक पारगम्य और चिकनी मिट्टी लगभग अपारगम्य है।
कथन II सही है और इसकी व्याख्या करता है: चॉक सरंध्र है, जिसके जुड़े हुए छिद्रों से पानी गुज़रता है।
कथन III गलत है: चिकनी मिट्टी वास्तव में काफ़ी सरंध्र होती है, पर उसके छिद्र इतने सूक्ष्म होते हैं कि पानी नहीं गुज़र पाता, इसलिए वह अपारगम्य है।
I. वायुमंडल के बिना भूपृष्ठ पर सर्वत्र तापमान हिमांक के बहुत नीचे होता है।
II. वायुमंडल के द्वारा अवशोषित और पाशित (ट्रैप्ड) ऊष्मा हमारे ग्रह के औसत तापमान को बनाए रखती है।
III. वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें विकिरण को अवशोषित और पाशित करने के लिए विशेष रूप से उत्तम हैं।
उपर्युक्त कथनों में कौन-कौन से सही हैं?
(a) केवल I और III
(b) केवल I और II
(c) I, II और III
(d) केवल II और III
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) I, II और III
तीनों कथन सही हैं। वायुमंडल के ग्रीनहाउस प्रभाव के बिना पृथ्वी का औसत तापमान लगभग −18 °C होता। CO₂ और जलवाष्प जैसी ग्रीनहाउस गैसें बाहर जाने वाले अवरक्त विकिरण को सोखती हैं और ग्रह का औसत लगभग 15 °C बनाए रखती हैं।
कथन I : वैज्ञानिक अध्ययन यह सुझाते हैं कि पृथ्वी के घूर्णन और अक्ष में परिवर्तन हो रहा है।
कथन II : सौर संस्फुरों (फ्लेयर्स) और उससे संबद्ध किरीटी द्रव्यमान निष्कासनों ने पृथ्वी के सबसे बाहरी वायुमंडल पर विशाल ऊर्जा-राशि की बौछार कर दी है।
कथन III : जैसे-जैसे पृथ्वी का ध्रुवीय हिम पिघलता है, जल की प्रवृत्ति विषुवत्-वृत्त की ओर जाने की होती है।
उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
(a) कथन II और कथन III दोनों सही हैं तथा वे दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं
(b) कथन II और कथन III दोनों सही हैं किन्तु उनमें से केवल एक, कथन I की व्याख्या करता है
(c) कथन II और कथन III में से केवल एक सही है तथा वह कथन I की व्याख्या करता है
(d) न तो कथन II और न ही कथन III सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) कथन II और कथन III दोनों सही हैं किन्तु उनमें से केवल एक, कथन I की व्याख्या करता है
कथन I सही है: अध्ययन बताते हैं कि पृथ्वी के घूर्णन और अक्ष में बदलाव हो रहा है।
कथन II तथ्य के रूप में सही है (सौर ज्वालाएँ और कोरोनल द्रव्यमान उत्क्षेपण ऊपरी वायुमंडल से टकराते हैं), किंतु यह बदलाव की व्याख्या नहीं करता।
कथन III सही है और कथन I की व्याख्या करता है: ध्रुवीय बर्फ़ पिघलने से जल-द्रव्यमान विषुवत की ओर खिसकता है, जिससे पृथ्वी का घूर्णन और अक्ष की स्थिति बदलती है।
I. साइबेरिया में अनादिर और अलास्का में नोम एक-दूसरे से कुछ ही किलोमीटर दूर हैं, किन्तु जब इन शहरों में लोग जागते हैं और नाश्ते के लिए तैयार होते हैं, तब अलग-अलग दिन होते हैं।
II. जब अनादिर में सोमवार होता है, तब नोम में मंगलवार होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही हैं?
(a) केवल I
(b) केवल II
(c) I और II दोनों
(d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) केवल I
कथन I सही है: अनादिर (रूस) और नोम (अलास्का) बेरिंग जलडमरूमध्य के आर-पार अपेक्षाकृत निकट हैं, किंतु अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा इनके बीच से गुज़रती है, इसलिए एक ही क्षण में वहाँ अलग-अलग तारीख़ें होती हैं।
कथन II गलत है: अनादिर तिथि रेखा के पश्चिम में और एक दिन आगे है, इसलिए जब अनादिर में सोमवार होता है, नोम में रविवार होता है।
कथन-I : पार्थिव विकिरण की तुलना में आगमी (इनकमिंग) सौर विकिरण से वायुमंडल अधिक गर्म हो जाता है।
कथन-II : वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसें दीर्घ तरंग विकिरण के अच्छे अवशोषक हैं।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा सही है ?
(a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
(b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता है
(c) कथन-I सही है, किंतु कथन-II सही नहीं है
(d) कथन-I सही नहीं है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) कथन-I सही नहीं है, किंतु कथन-II सही है
कथन-I गलत है: वायुमंडल मुख्यतः पृथ्वी की सतह से निकलने वाले पार्थिव (दीर्घ-तरंग) विकिरण से गर्म होता है, सीधे आने वाले लघु-तरंग सौर विकिरण से नहीं, जिसका अधिकांश भाग इससे होकर गुज़र जाता है।
कथन-II सही है: कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प और अन्य ग्रीनहाउस गैसें दीर्घ-तरंग विकिरण की अच्छी अवशोषक हैं।
कथन-I : भूमध्यरेखा (इक्वेटर) पर क्षोभमंडल की मोटाई, ध्रुवों की तुलना में बहुत अधिक है ।
कथन-II : भूमध्यरेखा (इक्वेटर) पर, प्रबल संवहनी धाराओं द्वारा ऊष्मा को अधिक ऊँचाई तक ले जाया जाता है ।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा सही है ?
(a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
(b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता है
(c) कथन-I सही है, किंतु कथन-II सही नहीं है
(d) कथन-I सही नहीं है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है। क्षोभमंडल की मोटाई विषुवत रेखा पर लगभग 18 किमी और ध्रुवों पर लगभग 8 किमी है, क्योंकि विषुवत रेखा पर प्रबल संवहन ऊष्मा को बहुत ऊँचाई तक ले जाता है।
उपर्युक्त में से कितने ज्वालामुखी उद्गारों के उत्पाद हैं?
(a) केवल एक
(b) केवल दो
(c) केवल तीन
(d) सभी चार
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) सभी चार
चारों ज्वालामुखी उद्गार के उत्पाद हैं: पायरोक्लास्टिक मलबा, राख और धूल, तथा नाइट्रोजन यौगिकों और सल्फ़र यौगिकों (जैसे SO₂ और H₂S) सहित गैसें, साथ ही जलवाष्प और CO₂।
जनवरी माह में समतापी रेखा-मानचित्रों (आइसोथर्मल मैप) से प्राप्त कौन-सा/कौन-से निष्कर्ष सही है/हैं ?
1. समताप रेखाएँ महासागर के ऊपर उत्तर की ओर और महाद्वीप के ऊपर दक्षिण की ओर विचलित हो जाती हैं।
2. शीत महासागरीय धाराओं, गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक अपवाह (ड्रिफ्ट) की उपस्थिति उत्तरी अटलांटिक महासागर को शीतल बनाती हैं और समताप रेखाएँ उत्तर की ओर मुड़ जाती हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) केवल 1
कथन 1 सही है: जनवरी (उत्तरी शीत ऋतु) में समताप रेखाएँ अपेक्षाकृत गर्म महासागरों पर उत्तर की ओर और ठंडे महाद्वीपों पर दक्षिण की ओर मुड़ती हैं।
कथन 2 गलत है: गल्फ़ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ़्ट गर्म धाराएँ हैं। ये उत्तरी अटलांटिक को गर्म बनाती हैं, इसीलिए वहाँ समताप रेखाएँ उत्तर की ओर मुड़ती हैं।
कथन-I : चट्टानों के अपक्षय के कारणों में से एक कारण वर्षा है।
कथन-II : वर्षा जल में घोल के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड विद्यमान होता है ।
कथन-III : वर्षा जल में वायुमंडलीय ऑक्सीजन विद्यमान होता है।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा सही है ?
(a) कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं तथा दोनों, कथन-I की व्याख्या करते हैं
(b) कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं, किंतु उनमें से केवल एक, कथन-I की व्याख्या करता है
(c) कथन-II और कथन-III में से केवल एक सही है और वह कथन-I की व्याख्या करता है
(d) न तो कथन-II, न ही कथन-III सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं तथा दोनों, कथन-I की व्याख्या करते हैं
कथन-II और कथन-III दोनों सही हैं और दोनों कथन-I की व्याख्या करते हैं। CO₂ घुला वर्षा जल हल्का कार्बोनिक अम्ल बनाता है, जो चूना पत्थर जैसी चट्टानों को घोलता है (कार्बोनेटीकरण)। घुली ऑक्सीजन लौहयुक्त खनिजों का ऑक्सीकरण करती है। दोनों रासायनिक अपक्षय के रूप हैं।
1. तापमानों की वार्षिक और दैनिक सीमा (रेंज) निम्न है।
2. वर्ष भर वर्षण होता है।
3. वर्षण में भिन्नता 50 cm - 250 cm के मध्य होती है।
यह किस प्रकार की जलवायु है ?
(a) विषुवतीय जलवायु
(b) चीन प्रकार जलवायु
(c) आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु
(d) समुद्री पश्चिम तटीय जलवायु
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) समुद्री पश्चिम तटीय जलवायु
ये विशेषताएँ पश्चिमी तटीय समुद्री (शीतोष्ण महासागरीय) जलवायु की हैं, जो उत्तर-पश्चिम यूरोप, ब्रिटिश कोलंबिया आदि में पाई जाती है। गर्म धाराओं के ऊपर से आने वाली पछुआ हवाएँ तापांतर कम रखती हैं और वर्ष भर वर्षा लाती हैं, सामान्यतः 50–250 सेमी।
"कोरिऑलिस बल" के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
1. यह पवन वेग की वृद्धि के साथ बढ़ता है।
2. यह ध्रुवों पर सर्वाधिक है और भूमध्यरेखा (इक्वेटर) पर विद्यमान नहीं होता है ।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। कोरिऑलिस बल = 2vΩ sin φ, अतः यह पवन वेग (v) के समानुपाती है। यह ध्रुवों पर अधिकतम (sin 90° = 1) और विषुवत रेखा पर शून्य (sin 0° = 0) होता है।
प्रत्येक वर्ष 21 जून को, निम्नलिखित में से किस अक्षांश/किन अक्षांशों पर 12 घंटे से अधिक समय तक सूर्य का प्रकाश विद्यमान रहता है ?
1. भूमध्यरेखा (इक्वेटर)
2. कर्क रेखा
3. मकर रेखा
4. उत्तर ध्रुवीय (आर्कटिक) वृत्त
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 3 और 4
(d) 2 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) 2 और 4
21 जून (ग्रीष्म संक्रांति) को उत्तरी गोलार्ध के सभी स्थानों पर दिन 12 घंटे से अधिक होता है। कर्क रेखा पर लगभग 13.5 घंटे और आर्कटिक वृत्त पर 24 घंटे। विषुवत रेखा पर सदा लगभग 12 घंटे और मकर रेखा पर 12 घंटे से कम।
पृथ्वी के वायुमंडल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
(a) भूमध्यरेखा पर प्राप्त होने वाले सूर्यताप की कुल मात्रा, ध्रुवों पर प्राप्त होने वाले सूर्यताप की कुल मात्रा की लगभग 10 गुनी है।
(b) अवरक्त किरणें सूर्यताप के लगभग दो-तिहाई भाग हैं।
(c) अवरक्त तरंगें निचले वायुमंडल में संकेंद्रित जलवाष्प द्वारा वृहद् रूप से अवशोषित होती हैं।
(d) अवरक्त तरंगें सौर विकिरण की विद्युत्चुम्बकीय तरंगों के दृश्यमान स्पेक्ट्रम के भाग हैं।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) अवरक्त तरंगें निचले वायुमंडल में संकेंद्रित जलवाष्प द्वारा वृहद् रूप से अवशोषित होती हैं।
विकल्प (c) सही है: निचले वायुमंडल में केंद्रित जलवाष्प अवरक्त विकिरण का बड़ा भाग अवशोषित करती है। विकल्प (a) गलत है, क्योंकि विषुवत रेखा पर ध्रुवों की तुलना में वार्षिक सूर्यातप लगभग दो-तीन गुना ही होता है, दस गुना नहीं। विकल्प (b) गलत है, क्योंकि अवरक्त सौर विकिरण का लगभग आधा है, दो-तिहाई नहीं। विकल्प (d) गलत है, क्योंकि अवरक्त दृश्य स्पेक्ट्रम से बाहर है।
कथन-I : उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की मृदा पोषक तत्त्वों से भरपूर होती है।
कथन-II : उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के उच्च ताप और आर्द्रता के कारण मृदा में विद्यमान मृत जैव पदार्थ का द्रुत अपघटन होता है।
उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
(a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
(b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
(c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है
(d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
कथन-I गलत है: उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों की मिट्टी (लैटेराइट) पोषक तत्वों में कम होती है। अधिकांश पोषक जीवित जैवभार में रहते हैं और भारी वर्षा मिट्टी से इन्हें बहा देती है।
कथन-II सही है: उच्च तापमान और नमी के कारण मृत जैविक पदार्थ बहुत तेज़ी से अपघटित होता है।
कथन-I : ग्रीष्म ऋतु में महाद्वीपों और महासागरों के बीच तापमान विपर्यास शीत ऋतु की अपेक्षा अधिक होता है।
कथन-II : जल की विशिष्ट ऊष्मा, भूपृष्ठ की विशिष्ट ऊष्मा की अपेक्षा अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
(a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
(b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
(c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है
(d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
कथन-II सही है: जल की विशिष्ट ऊष्मा स्थल से अधिक है, इसलिए वह धीरे गर्म और धीरे ठंडा होता है। आधिकारिक कुंजी के अनुसार कथन-I गलत है: स्थल-महासागर तापांतर शीत ऋतु में अधिक स्पष्ट होता है, जब उच्च अक्षांशों के महाद्वीप तेज़ी से ठंडे होते हैं जबकि महासागर अपेक्षाकृत गर्म रहते हैं।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
1. भूकम्प-लेखी (सीस्मोग्राफ) में S तरंगों से पूर्व P तरंगें अभिलिखित की जाती हैं।
2. P तरंगों में, अलग-अलग कण तरंग प्रसार की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण तरंग प्रसार की दिशा के समकोणीय ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। P तरंगें तेज़ होती हैं और भूकंपलेखी पर पहले दर्ज होती हैं। वे अनुदैर्ध्य होती हैं: कण तरंग-संचरण की दिशा में कंपन करते हैं। S तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं: कण उस दिशा के समकोण पर कंपन करते हैं।
समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. किसी तटीय राज्य को, अपने प्रादेशिक समुद्र की चौड़ाई को, आधार-रेखा से मापित, 12 समुद्री मील से अनधिक सीमा तक अभिसमय के अनुरूप सुस्थापित करने का अधिकार है।
2. सभी राज्यों के, चाहे वे तटीय हों या भू-बद्ध भाग के हों, जहाजों को प्रादेशिक समुद्र से हो कर बिना रोक-टोक यात्रा का अधिकार होता है।
3. अनन्य आर्थिक क्षेत्र का विस्तार उस आधार-रेखा से 200 समुद्री मील से अधिक नहीं होगा, जहाँ से प्रादेशिक समुद्र की चौड़ाई मापी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं ?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) 1, 2 और 3
तीनों UNCLOS के अनुरूप हैं: अनुच्छेद 3 तटीय राज्य को आधार-रेखा से 12 समुद्री मील तक प्रादेशिक समुद्र तय करने देता है, अनुच्छेद 17 तटीय या भू-बद्ध सभी राज्यों के जहाज़ों को निर्दोष मार्ग का अधिकार देता है, और अनुच्छेद 57 अनन्य आर्थिक क्षेत्र को आधार-रेखा से 200 समुद्री मील तक सीमित करता है।
1. वैश्विक सागर आयोग (ग्लोबल ओशन कमीशन) अंतर्राष्ट्रीय जल-क्षेत्र में समुद्र-संस्तरीय (सीबेड) खोज और खनन के लिए लाइसेंस प्रदान करता है।
2. भारत ने अंतर्राष्ट्रीय जल-क्षेत्र में समुद्र-संस्तरीय खनिज की खोज के लिए लाइसेंस प्राप्त किया है।
3. 'दुर्लभ मृदा खनिज (रेअर अर्थ मिनरल)' अंतर्राष्ट्रीय जल-क्षेत्र में समुद्र अधस्तल पर उपलब्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) केवल 2 और 3
कथन 1 गलत है: अंतर्राष्ट्रीय जल-क्षेत्र में समुद्र-संस्तर खोज के लाइसेंस UNCLOS के तहत अंतर्राष्ट्रीय समुद्र-संस्तर प्राधिकरण (ISA) देता है; ग्लोबल ओशन कमीशन एक स्वतंत्र पैरवी निकाय था।
कथन 2 सही है: भारत के पास मध्य हिंद महासागर बेसिन में बहुधात्विक पिंडों और हिंद महासागर कटक में बहुधात्विक सल्फ़ाइडों के लिए ISA अनुबंध हैं।
कथन 3 सही है: गहरे समुद्र की कीचड़ और पिंडों में दुर्लभ मृदा तत्व मिलते हैं।
1. उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में, व्यापारिक पवन के प्रभाव के कारण पूर्वी खंडों की तुलना में महासागरों के पश्चिमी खंड अधिक उष्ण होते हैं।
2. शीतोष्ण क्षेत्र में, पश्चिमी पवन पश्चिमी खंडों की तुलना में महासागरों के पूर्वी खंडों को अधिक उष्ण बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों
कथन 1 सही है: व्यापारिक पवन पूर्व से पश्चिम की ओर चलती हैं और उष्णकटिबंधीय महासागरों के पश्चिमी भाग में गर्म सतही जल जमा करती हैं, जबकि पूर्वी भाग में ठंडा उत्प्रवाह होता है।
कथन 2 सही है: शीतोष्ण अक्षांशों में पछुआ पवनें गर्म धाराओं (जैसे उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ्ट) को महासागरों के पूर्वी भाग तक ले जाती हैं, जिससे वे पश्चिमी भाग से अधिक उष्ण रहते हैं।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
"पत्ती-कूड़ा (लीफ़ लिटर) किसी अन्य जीवोम (बायोम) की तुलना में तेज़ी से विघटित होता है और इसके परिणामस्वरूप मिट्टी की सतह प्रायः अनावृत होती है। पेड़ों के अतिरिक्त, वन में विविध प्रकार के पौधे होते हैं जो आरोहण के द्वारा या अधिपादप (एपिफाइट) के रूप में पनपकर पेड़ों के शीर्ष तक पहुँचकर प्रतिस्थ होते हैं और पेड़ों की ऊपरी शाखाओं में जड़ें जमाते हैं।" यह किसका सबसे अधिक सटीक विवरण है?
(a) शंकुधारी वन
(b) शुष्क पर्णपाती वन
(c) गरान (मैंग्रोव) वन
(d) उष्णकटिबंधीय वर्षावन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (d) उष्णकटिबंधीय वर्षावन
उष्णकटिबंधीय वर्षावन में गर्मी और नमी से पत्ती-कूड़ा बहुत तेज़ी से विघटित होता है, अतः वन तल लगभग अनावृत रहता है।
प्रकाश तक पहुँचने के लिए लताएँ वितान तक चढ़ती हैं और अधिपादप ऊपरी शाखाओं पर उगते हैं।
सवाना की वनस्पति में बिखरे हुए छोटे वृक्षों के साथ घास के मैदान होते हैं, किन्तु विस्तृत क्षेत्र में कोई वृक्ष नहीं होते हैं। ऐसे क्षेत्रों में वन विकास सामान्यतः एक या एकाधिक या कुछ परिस्थितियों के संयोजन के द्वारा नियंत्रित होता है। ऐसी परिस्थितियाँ निम्नलिखित में से कौन-सी हैं?
1. बिलकारी प्राणी और दीमक
2. अग्नि
3. चरने वाले तृणभक्षी प्राणी (हर्बिवोर्स)
4. मौसमी वर्षा
5. मृदा के गुण
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) 1 और 2
(b) 4 और 5
(c) 2, 3 और 4
(d) 1, 3 और 5
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (c) 2, 3 और 4
सवाना मुख्यतः बार-बार की अग्नि, तृणभक्षियों की चराई और लंबे शुष्क मौसम वाली अत्यधिक मौसमी वर्षा के कारण खुले रहते हैं; ये मिलकर वृक्षों को घना वितान बनाने से रोकते हैं।
आधिकारिक उत्तर 2, 3 और 4 है।
इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।
महासागर औसत तापमान (Ocean Mean Temperature/OMT) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
1. OMT को 26°C समताप रेखा की गहराई तक मापा जाता है जो जनवरी-मार्च में हिन्द महासागर के दक्षिण-पश्चिम में 129 मीटर पर होती है।
2. OMT, जो जनवरी-मार्च में एकत्रित किया जाता है उसे यह निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है कि मानसून में वर्षा की मात्रा एक निश्चित दीर्घकालीन औसत वर्षा से कम होगी या अधिक।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) केवल 2
कथन 1 गलत है: OMT, 26°C समताप रेखा की गहराई तक का औसत तापमान है, जो जनवरी–मार्च में दक्षिण-पश्चिमी हिन्द महासागर में लगभग 50–100 मी पर होती है, 129 मी पर नहीं।
कथन 2 सही है: जनवरी–मार्च का OMT समुद्र-सतह तापमान से बेहतर बताता है कि मानसून वर्षा दीर्घकालीन औसत से अधिक होगी या कम।
(a) उत्तरध्रुवीय वृत्त पर क्षितिज के नीचे नहीं डूबता है
(b) दक्षिणध्रुवीय वृत्त पर क्षितिज के नीचे नहीं डूबता है
(c) मध्याह्न में भूमध्यरेखा पर ऊर्ध्वाधर रूप से व्योमस्थ चमकता है
(d) मकर-रेखा पर ऊर्ध्वाधर रूप से व्योमस्थ चमकता है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a) उत्तरध्रुवीय वृत्त पर क्षितिज के नीचे नहीं डूबता है
21 जून (ग्रीष्म संक्रांति) को सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत होता है, और उत्तरध्रुवीय वृत्त तथा उसके उत्तर में 24 घंटे दिन रहता है, अतः वहाँ सूर्य नहीं डूबता।
मेघाच्छादित रात में ओस की बूँदें क्यों नहीं बनतीं?
(a) भूपृष्ठ से निर्मुक्त विकिरण को बादल अवशोषित कर लेते हैं।
(b) पृथ्वी के विकिरण को बादल वापस परावर्तित कर देते हैं।
(c) मेघाच्छादित रातों में भूपृष्ठ का तापमान कम होता है।
(d) बादल बहते हुए पवन को भूमितल की ओर विक्षेपित कर देते हैं।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) पृथ्वी के विकिरण को बादल वापस परावर्तित कर देते हैं।
ओस तब बनती है जब साफ़ रातों में ऊष्मा विकिरित कर भूमि पर्याप्त ठंडी हो जाती है।
मेघाच्छादित रातों में बादल पृथ्वी के विकिरण को अवशोषित कर वापस भेज (परावर्तित कर) देते हैं, जिससे सतह ओसांक तक ठंडी नहीं होती; आधिकारिक उत्तर 'वापस परावर्तित' है।
भारतीय मानसून का पूर्वानुमान करते समय कभी-कभी समाचारों में उल्लिखित 'इंडियन ओशन डाइपोल (IOD)' के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. IOD परिघटना, उष्णकटिबंधीय पश्चिमी हिंद महासागर एवं उष्णकटिबंधीय पूर्वी प्रशांत महासागर के बीच सागर-पृष्ठ तापमान के अंतर से विशेषित होती है।
2. IOD परिघटना मानसून पर एल-नीनो के असर को प्रभावित कर सकती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (b) केवल 2
कथन 1 गलत है: IOD उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी भागों के बीच समुद्र-सतह तापमान का अंतर है, प्रशांत का नहीं।
कथन 2 सही है: धनात्मक IOD भारतीय मानसून पर एल नीनो के सूखाकारी प्रभाव को कम कर सकता है।
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