यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा भारतीय राजव्यवस्था PYQ (2016–2025) उत्तर व व्याख्या सहित

2016–2025 के बीच यूपीएससी सिविल सेवा (IAS) प्रारंभिक परीक्षा में भारतीय राजव्यवस्था से 143 प्रश्न पूछे गए। इन्हें साथ पढ़ने से पता चलता है कि कौन-से विषय बार-बार आते हैं और प्रश्न किस तरह बनाए जाते हैं।

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UPSC 2025

भारत सरकार के संदर्भ में, निम्नलिखित सूचना पर विचार कीजिए:

I. प्रवर्तन निदेशालय - भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 का प्रवर्तन - आंतरिक सुरक्षा प्रभाग-1, गृह मंत्रालय

II. राजस्व आसूचना निदेशालय - सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के उपबंधों को प्रवर्तित करना - राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय

III. प्रणाली एवं आँकड़ा (सिस्टम्स ऐंड डेटा) प्रबंधन महानिदेशालय - बेहतर नीति और कर-वंचकों को पकड़ने में कर अधिकारियों की सहायता के लिए वृहत् आँकड़ा (डेटा) विश्लेषण का उपयोग करना - राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय

उपर्युक्त में से कितनी पंक्तियों में सूचना सही सुमेलित है?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) किसी में नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल एक

पंक्ति I गलत है: प्रवर्तन निदेशालय भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 लागू करता है, किंतु यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन है, गृह मंत्रालय के नहीं।

पंक्ति II सही है: राजस्व आसूचना निदेशालय सीमा शुल्क अधिनियम लागू करता है और राजस्व विभाग के अधीन है।

आधिकारिक कुंजी पंक्ति III को भी गलत मानती है, अतः केवल एक पंक्ति सही सुमेलित है।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

भारतीय राज्य-व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. अध्यादेश किसी केन्द्रीय अधिनियम को संशोधित कर सकता है।

II. अध्यादेश किसी मूल अधिकार को न्यून कर सकता है।

III. अध्यादेश किसी पिछली तारीख से प्रभावी हो सकता है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-कौन से सही हैं?

  1. (a) केवल I और II
  2. (b) केवल II और III
  3. (c) केवल I और III
  4. (d) I, II और III
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल I और III

कथन I सही है: अध्यादेश का बल संसद के अधिनियम के समान है, इसलिए वह किसी केंद्रीय अधिनियम में संशोधन या उसका निरसन कर सकता है।

कथन II गलत है: अनुच्छेद 13 में 'विधि' में अध्यादेश शामिल है, इसलिए अध्यादेश मौलिक अधिकारों को कम नहीं कर सकता।

कथन III सही है: अध्यादेश को भूतलक्षी प्रभाव दिया जा सकता है।

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित पर विचार कीजिए:

I. अंतर-राज्य परिषद्

II. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद्

III. क्षेत्रीय परिषदें

उपर्युक्त में से कितनी भारत के संविधान के उपबंधों के अनुसार स्थापित हुईं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल एक

केवल अंतरराज्यीय परिषद का संवैधानिक आधार है: अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को इसकी स्थापना का अधिकार देता है और यह 1990 में गठित हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद कार्यकारी निकाय (1998) है और क्षेत्रीय परिषदें राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत वैधानिक निकाय हैं।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. भारत के संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि कतिपय बातों में किसी राज्य का राज्यपाल अपने विवेकानुसार कार्य करता है।

II. भारत का राष्ट्रपति, अपने-आप, किसी राज्य विधान-मंडल द्वारा पारित विधेयक को भले ही वह संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा न भेजा गया हो, अपने विचार के लिए आरक्षित कर सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल I

कथन I सही है: संविधान कुछ मामलों में राज्यपाल को स्पष्ट रूप से विवेकाधिकार देता है, जैसे अनुच्छेद 163(1), छठी अनुसूची और अनुच्छेद 371A तथा 371H।

कथन II गलत है: अनुच्छेद 200 के तहत केवल राज्यपाल ही राज्य विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित कर सकते हैं। राष्ट्रपति स्वयं ऐसा नहीं कर सकते।

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

I. भारत के संविधान में उपबंध - राज्य की लोक सेवा में न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण | किसके अधीन कथित - राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

II. हमारी सामासिक संस्कृति की समृद्ध विरासत का महत्त्व समझना और उसका परिरक्षण करना | किसके अधीन कथित - मूल कर्तव्य

III. कारखानों में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के नियोजन का निषेध | किसके अधीन कथित - मूल अधिकार

उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) सभी तीन

तीनों सही सुमेलित हैं। न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण अनुच्छेद 50 (नीति निदेशक तत्व) है। सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का सम्मान और संरक्षण अनुच्छेद 51A(f) (मौलिक कर्तव्य) है। कारख़ानों में 14 वर्ष से कम बच्चों को काम पर रखने का निषेध अनुच्छेद 24 (मौलिक अधिकार) है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: भारत के संविधान के संदर्भ में, यदि पाँचवीं अनुसूची के अधीन किसी राज्य में कोई क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र घोषित कर दिया जाता है, तो

I. ऐसे क्षेत्रों में राज्य सरकार अपनी कार्यपालिका शक्ति खो देती है और एक स्थानीय निकाय पूर्ण प्रशासन ग्रहण कर लेता है

II. संघ की सरकार कतिपय परिस्थितियों में राज्यपाल की सिफारिश पर ऐसे क्षेत्रों के पूर्ण प्रशासन को अपने हाथ में ले सकती है

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो I और न ही II

कोई भी कथन सही नहीं है। पाँचवीं अनुसूची में अनुसूचित क्षेत्रों पर राज्य की कार्यकारी शक्ति बनी रहती है; राज्यपाल के पास विशेष शक्तियाँ हैं और जनजाति सलाहकार परिषद सलाह देती है। संघ इनके प्रशासन के बारे में राज्य को निर्देश दे सकता है, किंतु पूरा प्रशासन अपने हाथ में नहीं लेता।

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

संगठन - संघ का मंत्रालय

I. राष्ट्रीय ऑटोमोटिव बोर्ड - वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय

II. कॉयर बोर्ड - भारी उद्योग मंत्रालय

III. राष्ट्रीय व्यापार सूचना केन्द्र - सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय

उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) कोई भी नहीं

कोई भी युग्म सही सुमेलित नहीं है। राष्ट्रीय ऑटोमोटिव बोर्ड भारी उद्योग मंत्रालय के, कयर बोर्ड MSME मंत्रालय के और राष्ट्रीय व्यापार सूचना केंद्र वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन है।

भारत के संविधान के अधीन निम्नलिखित विषयों पर विचार कीजिए:

I. सातवीं अनुसूची में सूची I-संघ सूची

II. किसी राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार

III. राज्यपाल के पद के लिए शर्तें

उपर्युक्त में से किसके संबंध में संविधान संशोधन के लिए भारत के राष्ट्रपति को अनुमति के लिए विधेयक प्रस्तुत किए जाने से पूर्व, कम-से-कम आधे राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा अनुसमर्थन अपेक्षित है?

  1. (a) केवल I और II
  2. (b) केवल II और III
  3. (c) केवल I और III
  4. (d) I, II और III
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल I और II

अनुच्छेद 368(2) के परंतुक के अनुसार सातवीं अनुसूची की सूचियों (I) और संघ तथा राज्यों की कार्यकारी शक्ति के विस्तार (II) को प्रभावित करने वाले संशोधनों के लिए कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक है। राज्यपाल के पद की शर्तें (अनुच्छेद 158) बिना राज्य अनुसमर्थन के संशोधित की जा सकती हैं।

भारतीय राज्य-व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. किसी राज्य का राज्यपाल अपने पद की शक्तियों और दायित्वों के प्रयोग और निष्पादन के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं है।

II. राज्यपाल के विरुद्ध उसकी पदावधि के दौरान कोई दांडिक कार्यवाही संस्थित नहीं की जाएगी या जारी नहीं रखी जाएगी।

III. किसी राज्य विधान-मंडल के सदस्य सदन के अंदर कही गई किसी भी बात के लिए किसी भी न्यायालय में कार्यवाही के लिए दायी नहीं हैं।

उपर्युक्त कथनों में कौन-कौन से सही हैं?

  1. (a) केवल I और II
  2. (b) केवल II और III
  3. (c) केवल I और III
  4. (d) I, II और III
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) I, II और III

तीनों सही हैं। अनुच्छेद 361 के अनुसार राज्यपाल अपने पद की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं, और पद पर रहते उनके विरुद्ध कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं की जा सकती। अनुच्छेद 194(2) के अनुसार राज्य विधायक सदन में कही गई किसी बात के लिए न्यायालयी कार्यवाही से मुक्त हैं।

भारत के राष्ट्रपति की क्षमा प्रदान करने की शक्ति के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. राष्ट्रपति द्वारा इस शक्ति का प्रयोग सीमित न्यायिक पुनर्विलोकन के अधीन लाया जा सकता है।

II. राष्ट्रपति इस शक्ति का प्रयोग केन्द्र सरकार की सलाह के बगैर कर सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल I

कथन I सही है: अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति सीमित न्यायिक समीक्षा के अधीन है, उदाहरण के लिए जब निर्णय मनमाना, दुर्भावनापूर्ण या बिना विचार के हो (एपुरु सुधाकर, 2006)।

कथन II गलत है: राष्ट्रपति इस शक्ति का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं (मारू राम, 1980)।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. लोक सभा का विघटन होने पर विघटन के पश्चात् होने वाले लोक सभा के पहले अधिवेशन के ठीक पहले तक अध्यक्ष अपने पद को रिक्त नहीं करेगा।

II. भारत के संविधान के उपबंधों के अनुसार, लोक सभा का कोई सदस्य अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने पर अपने राजनीतिक दल से तुरंत त्यागपत्र दे देगा।

III. लोक सभा के अध्यक्ष को लोक सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा, किन्तु कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम-से-कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. (a) केवल I और II
  2. (b) केवल II और III
  3. (c) केवल I और III
  4. (d) I, II और III
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल I और III

कथन I सही है: अनुच्छेद 94 के अनुसार विघटन होने पर अध्यक्ष नई लोकसभा की पहली बैठक से ठीक पहले तक पद नहीं छोड़ते।

कथन II गलत है: संविधान अध्यक्ष के लिए अपने राजनीतिक दल से त्यागपत्र देना अनिवार्य नहीं करता।

कथन III सही है: कम से कम 14 दिनों की सूचना के बाद सदन के तत्कालीन सभी सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा अध्यक्ष को हटाया जा सकता है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. यदि कोई प्रश्न उठता है कि लोक सभा का कोई सदस्य 10वीं अनुसूची के अधीन निरर्हता से ग्रस्त हो गया है या नहीं, तब संघ की मंत्रिपरिषद् की राय के अनुसार राष्ट्रपति का निर्णय अंतिम होगा।

II. भारत के संविधान में शब्द 'राजनीतिक दल' का कोई उल्लेख नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल I
  2. (b) केवल II
  3. (c) I और II दोनों
  4. (d) न तो I और न ही II
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो I और न ही II

कथन I गलत है: दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल के आधार पर निरर्हता का निर्णय अध्यक्ष या सभापति करते हैं, राष्ट्रपति नहीं। (निर्वाचन आयोग की राय पर राष्ट्रपति का निर्णय अनुच्छेद 103 के तहत अन्य निरर्हताओं पर लागू होता है।)

कथन II गलत है: 'राजनीतिक दल' शब्द दसवीं अनुसूची में आता है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन I : भारत में राज्य सरकारों के पास गौण खनिजों के निष्कर्षण के बारे में रियायत देने के लिए नियम बनाने की कोई शक्ति नहीं है, भले ही ऐसे खनिज उनके अपने भूभाग में अवस्थित हों।

कथन II : भारत में केन्द्र सरकार के पास प्रासंगिक विधि के अधीन गौण खनिजों को अधिसूचित करने की शक्ति है।

उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

  1. (a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II, कथन I की व्याख्या करता है
  2. (b) कथन I और कथन II दोनों सही हैं किन्तु कथन II, कथन I की व्याख्या नहीं करता है
  3. (c) कथन I सही है किन्तु कथन II सही नहीं है
  4. (d) कथन I सही नहीं है किन्तु कथन II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) कथन I सही नहीं है किन्तु कथन II सही है

कथन I गलत है: MMDR अधिनियम, 1957 की धारा 15 के तहत गौण खनिजों के रियायत नियम राज्य सरकारें बनाती हैं और वही रॉयल्टी वसूलती हैं।

कथन II सही है: केंद्र सरकार को खनिजों को 'गौण खनिज' अधिसूचित करने की शक्ति है (धारा 3(e))।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतें सभी राज्यों में विद्यमान हैं।

II. मध्यवर्ती स्तर पर किसी पंचायत में सदस्य होने हेतु पात्र होने के लिए किसी व्यक्ति को तीस वर्ष की आयु प्राप्त होनी चाहिए।

III. किसी राज्य का मुख्यमंत्री मध्यवर्ती स्तरों पर पंचायतों की वित्तीय दशा के पुनरीक्षण के लिए और राज्य द्वारा उद्ग्रहीत करों और शुल्कों के निवल आगम को मध्यवर्ती स्तर पर राज्य और पंचायतों के बीच वितरित करने हेतु सिफारिशें करने के लिए एक आयोग का गठन करता है।

उपर्युक्त में कौन-कौन से कथन सही नहीं हैं?

  1. (a) केवल I और II
  2. (b) केवल II और III
  3. (c) केवल I और III
  4. (d) I, II और III
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) I, II और III

प्रश्न पूछता है कि कौन-से कथन सही नहीं हैं, और तीनों गलत हैं।

कथन I: 20 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों में मध्यवर्ती स्तर की पंचायतें आवश्यक नहीं (अनुच्छेद 243B)।

कथन II: पंचायत सदस्यता की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 30 नहीं (अनुच्छेद 243F)।

कथन III: राज्य वित्त आयोग का गठन राज्यपाल करते हैं, मुख्यमंत्री नहीं (अनुच्छेद 243I)।

लोकपाल के विषय में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. लोकपाल की शक्ति भारत के लोक सेवकों पर प्रयुक्त होती है किन्तु भारत से बाहर पदस्थापित भारतीय लोक सेवकों पर प्रयुक्त नहीं होती।

II. संसद का कोई सदस्य या किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के विधान-मंडल का कोई सदस्य इसका अध्यक्ष या सदस्य नहीं होगा और केवल भारत का मुख्य न्यायमूर्ति, चाहे वो पदधारी हो या सेवानिवृत्त, इसका अध्यक्ष होगा।

III. इसका अध्यक्ष या सदस्य, अध्यक्ष या सदस्य के रूप में पद धारण करने की तारीख को पैंतालीस वर्ष से कम वय का व्यक्ति नहीं होगा।

IV. लोकपाल भारत के पदासीन प्रधानमंत्री के विरुद्ध भ्रष्टाचार के अभिकथनों की जाँच नहीं कर सकता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल III
  2. (b) II और III
  3. (c) I और IV
  4. (d) उपर्युक्त कथनों में से कोई भी सही नहीं है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल III

केवल कथन III सही है: अध्यक्ष और सदस्यों की आयु कम से कम 45 वर्ष होनी चाहिए।

कथन I गलत है: लोकपाल का क्षेत्राधिकार विदेश में तैनात भारतीय लोक सेवकों पर भी है।

कथन II गलत है: अध्यक्ष पूर्व मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश या प्रतिष्ठित व्यक्ति हो सकते हैं, केवल मुख्य न्यायाधीश ही नहीं।

कथन IV गलत है: लोकपाल विशेष सुरक्षा उपायों के साथ प्रधानमंत्री के विरुद्ध आरोपों की जाँच कर सकता है।

UPSC 2024

भारत के संविधान के अनुच्छेद 368 के अनुसार, संसद निम्नलिखित में से किनके द्वारा संविधान के किसी उपबंध में संशोधन कर सकेगी ?

1. परिवर्धन

2. परिवर्तन

3. निरसन

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2 और 3
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) 1, 2 और 3

अनुच्छेद 368(1) संसद को संविधान के किसी भी उपबंध में 'परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में' संशोधन का अधिकार देता है, जो मूल ढाँचा सिद्धांत के अधीन है।

संसद में धन विधेयक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं ?

1. अनुच्छेद 109 में धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया का उल्लेख है।

2. धन विधेयक राज्य सभा में पुरःस्थापित नहीं किया जाएगा ।

3. राज्य सभा या तो विधेयक को अनुमोदन दे सकती है या परिवर्तन के लिए सुझाव दे सकती है किंतु इसे अस्वीकार नहीं कर सकती ।

4. राज्य सभा द्वारा धन विधेयक में सुझाए गए संशोधन को लोक सभा द्वारा स्वीकार करना होगा ।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2 और 3
  3. (c) 1, 2 और 3
  4. (d) 1, 3 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 1, 2 और 3

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 109 धन विधेयकों के लिए विशेष प्रक्रिया बताता है।

कथन 2 सही है: धन विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सकता।

कथन 3 सही है: राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकार नहीं कर सकती; वह केवल 14 दिनों में संशोधनों की सिफ़ारिश कर सकती है।

कथन 4 गलत है: लोकसभा उन सिफ़ारिशों को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है।

पूर्वोत्तर परिषद् (NEC) की स्थापना पूर्वोत्तर परिषद् अधिनियम, 1971 द्वारा की गई थी। वर्ष 2002 में NEC अधिनियम में संशोधन के बाद, परिषद् में निम्नलिखित में से किन-किन सदस्यों को शामिल किया गया है ?

1. संघटक राज्य का राज्यपाल

2. संघटक राज्य का मुख्य मंत्री

3. भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्दिष्ट तीन सदस्य

4. भारत का गृह मंत्री

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1, 2 और 3
  2. (b) केवल 1, 3 और 4
  3. (c) केवल 2 और 4
  4. (d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1, 2 और 3

2002 के NEC अधिनियम संशोधन के बाद परिषद में आठ पूर्वोत्तर राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री तथा राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत तीन सदस्य होते हैं। अधिनियम के तहत केंद्रीय गृह मंत्री सदस्य नहीं हैं। 2018 से मंत्रिमंडल के निर्णय से गृह मंत्री पदेन अध्यक्ष हैं।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

दिसम्बर 2023 तक भारत सरकार द्वारा कितने परिसीमन आयोग गठित किए गए हैं ?
  1. (a) एक
  2. (b) दो
  3. (c) तीन
  4. (d) चार
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) चार

चार परिसीमन आयोग गठित हुए हैं: 1952, 1963, 1973 और 2002 में, परिसीमन आयोग अधिनियम 1952, 1962, 1972 और 2002 के तहत।

संविधान (71वें संशोधन) अधिनियम, 1992 के द्वारा निम्नलिखित में से किस भाषा को शामिल करने के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में संशोधन किया गया है?

1. कोंकणी

2. मणिपुरी

3. नेपाली

4. मैथिली

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) 1, 2 और 3
  2. (b) 1, 2 और 4
  3. (c) 1, 3 और 4
  4. (d) 2, 3 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) 1, 2 और 3

71वें संशोधन (1992) ने कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को आठवीं अनुसूची में जोड़ा। मैथिली (बोडो, डोगरी और संथाली के साथ) 92वें संशोधन (2003) से जुड़ी।

भारत के संविधान के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं ?

1. नगरपालिकाओं की शक्तियाँ संविधान के भाग 9-क में दी गईं हैं।

2. आपात उपबंध संविधान के भाग 18 में दिए गए हैं।

3. संविधान के संशोधन से संबंधित उपबंध संविधान के भाग 20 में दिए गए हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2 और 3
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) 1, 2 और 3

तीनों सही हैं: नगरपालिकाएँ भाग IXA (74वाँ संशोधन) में, आपात उपबंध भाग XVIII (अनुच्छेद 352–360) में और संविधान संशोधन भाग XX (अनुच्छेद 368) में हैं।

भारत के संविधान के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
  1. (a) अंतरराज्यीय व्यापार और वाणिज्य राज्य सूची के अधीन एक राज्य विषय है ।
  2. (b) अंतरराज्यीय प्रवासन राज्य सूची के अधीन एक राज्य विषय है ।
  3. (c) अंतरराज्यीय संगरोध संघ सूची के अधीन एक संघ विषय है ।
  4. (d) निगम कर राज्य सूची के अधीन एक राज्य विषय है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) अंतरराज्यीय संगरोध संघ सूची के अधीन एक संघ विषय है ।

अंतरराज्यीय संगरोध (बंदरगाहों और हवाई अड्डों सहित) संघ का विषय है (संघ सूची प्रविष्टि 81, अंतरराज्यीय प्रवास के साथ)। अंतरराज्यीय व्यापार और वाणिज्य (प्रविष्टि 42) और निगम कर (प्रविष्टि 85) भी संघ के विषय हैं। अतः केवल विकल्प (c) सही है।

भारत के उच्चतम न्यायालय ने निजता के अधिकार को भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के अंतर्गत रखा है ?
  1. (a) अनुच्छेद 15
  2. (b) अनुच्छेद 16
  3. (c) अनुच्छेद 19
  4. (d) अनुच्छेद 21
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) अनुच्छेद 21

न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) में नौ न्यायाधीशों की पीठ ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना, जो अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता में अंतर्निहित है और भाग III की स्वतंत्रताओं का भी हिस्सा है।

लोक सभा में आचार समिति के संबंध में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं ?

1. प्रारंभ में यह एक तदर्थ समिति थी

2. केवल कोई लोक सभा का सदस्य ही किसी लोक सभा सदस्य के अनैतिक आचरण से संबंधित शिकायत कर सकता है।

3. यह समिति किसी ऐसे मामले पर विचार नहीं कर सकती जो न्यायाधीन है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2 और 3
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3

कथन 1 सही है: लोकसभा आचार समिति तदर्थ समिति (2000) के रूप में शुरू हुई और 2015 में स्थायी बनी।

कथन 2 गलत है: कोई भी व्यक्ति किसी लोकसभा सदस्य के माध्यम से भी शिकायत कर सकता है, केवल सदस्य ही नहीं।

कथन 3 सही है: यह न्यायाधीन मामलों पर विचार नहीं कर सकती।

'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. ये उपबंध 18वीं लोक सभा से प्रभावी होंगे ।

2. अधिनियम बनने के बाद यह 15 वर्षों के लिए प्रवर्तन में रहेगा ।

3. इसमें अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित कोटे के भीतर अनुसूचित जातियों की महिलाओं के लिए स्थानों के आरक्षण के उपबंध हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं ?

  1. (a) 1, 2 और 3
  2. (b) केवल 1 और 2
  3. (c) केवल 2 और 3
  4. (d) केवल 1 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 2 और 3

कथन 1 गलत है: आरक्षण अधिनियम लागू होने के बाद की पहली जनगणना पर आधारित परिसीमन के बाद प्रभावी होगा, 18वीं लोकसभा से नहीं।

कथन 2 सही है: यह 15 वर्षों तक लागू रहेगा, जिसे संसद बढ़ा सकती है।

कथन 3 सही है: SC और ST आरक्षित सीटों में से एक-तिहाई उन्हीं वर्गों की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

प्रतिषेध रिट उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालयों द्वारा किसे और किस प्रयोजन से जारी किया गया एक आदेश है ?
  1. (a) किसी सरकारी अधिकारी को, उसे किसी विशिष्ट कार्रवाई करने से प्रतिषेध करने के लिए
  2. (b) संसद/विधान सभा को, मद्यनिषेध पर कोई विधि पारित करने के लिए
  3. (c) निचली अदालत को, किसी मामले में कार्यवाही जारी रखने का प्रतिषेध करने के लिए
  4. (d) सरकार को, उसे किसी असंवैधानिक नीति का अनुपालन करने से प्रतिषेध करने के लिए
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) निचली अदालत को, किसी मामले में कार्यवाही जारी रखने का प्रतिषेध करने के लिए

प्रतिषेध रिट उच्च न्यायालय किसी अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण को जारी करता है, ताकि वह अपने क्षेत्राधिकार से बाहर की कार्यवाही जारी न रखे। यह निवारक है, जबकि उत्प्रेषण (सर्टियोरारी) पहले से पारित आदेश को रद्द करता है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. वह राज्य का राज्यपाल है जो उस राज्य के किसी समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता देता है और घोषित करता है ।

2. किसी राज्य में अनुसूचित जनजाति के रूप में घोषित किसी समुदाय के लिए यह आवश्यक नहीं है कि दूसरे राज्य में भी ऐसा हो ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 342 के तहत राज्यपाल से परामर्श के बाद राष्ट्रपति प्रत्येक राज्य के लिए अनुसूचित जनजातियाँ अधिसूचित करते हैं और संसद सूची में संशोधन कर सकती है।

कथन 2 सही है: अनुसूचित जनजाति का दर्जा राज्य-विशिष्ट है, इसलिए एक राज्य में ST समुदाय दूसरे में ST न भी हो।

केंद्रीय बजट (यूनियन बजट) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. प्रधानमंत्री की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री संसद के दोनों सदनों के समक्ष वार्षिक वित्तीय विवरण रखते हैं।

2. केंद्रीय (यूनियन) स्तर पर, भारत के राष्ट्रपति की अनुशंसा के बिना अनुदानों की माँग नहीं की जा सकती ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों

अनुच्छेद 112 के तहत राष्ट्रपति वार्षिक वित्तीय विवरण दोनों सदनों के समक्ष रखवाते हैं और व्यवहार में वित्त मंत्री इसे प्रस्तुत करते हैं। अनुच्छेद 113(3) के अनुसार राष्ट्रपति की सिफ़ारिश के बिना अनुदान की कोई माँग नहीं की जा सकती। आधिकारिक कुंजी दोनों कथनों को सही मानती है। ध्यान दें कि कथन 1 के शब्द ('प्रधानमंत्री की ओर से') अनुच्छेद 112 से भिन्न हैं, जो राष्ट्रपति का उल्लेख करता है।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

लोक सभा के अध्यक्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

जब लोक सभा के अध्यक्ष को हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है, तब

1. वह पीठासीन नहीं होगा/होगी ।

2. उसे बोलने का अधिकार नहीं होगा ।

3. वह संकल्प पर प्रथमतः मत देने का/की हक़दार नहीं होगा/होगी ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 1 और 2
  3. (c) केवल 2 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1

अनुच्छेद 96 के अनुसार अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर विचार के दौरान अध्यक्ष पीठासीन नहीं होंगे, अतः कथन 1 सही है। अध्यक्ष को बोलने और कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है और वे प्रथमतः मत देने के हक़दार हैं (निर्णायक मत नहीं)। अतः कथन 2 और 3 गलत हैं।

भारतीय संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. लोक सभा में लंबित कोई विधेयक उसके विघटन हो जाने पर व्यपगत हो जाता है।

2. लोक सभा द्वारा पारित और राज्य सभा में लंबित कोई विधेयक लोक सभा के विघटन हो जाने पर व्यपगत हो जाता है।

3. कोई विधेयक, जिसके संबंध में भारत के राष्ट्रपति ने सदनों की संयुक्त बैठक आहूत करने के अपने आशय की सूचना दे दी है, लोक सभा का विघटन हो जाने पर व्यपगत हो जाता है ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) 1 और 2
  3. (c) 2 और 3
  4. (d) केवल 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) 1 और 2

कथन 1 सही है: लोकसभा में लंबित विधेयक उसके विघटन पर व्यपगत हो जाता है।

कथन 2 सही है: लोकसभा से पारित और राज्यसभा में लंबित विधेयक भी व्यपगत हो जाता है।

कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 108(5) के अनुसार जिस विधेयक पर राष्ट्रपति ने संयुक्त बैठक अधिसूचित की हो, वह व्यपगत नहीं होता।

भारत के संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत के राष्ट्रपति द्वारा किसी सदन के सत्रावसान के लिए मंत्रि-परिषद् के परामर्श की आवश्यकता नहीं है।

2. सदन का सत्रावसान सामान्यतः सदन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के पश्चात् किया जाता है, किंतु भारत के राष्ट्रपति द्वारा उस सदन का सत्रावसान करने पर कोई वर्जन नहीं है जो सत्र में है।

3. लोक सभा का विघटन भारत के राष्ट्रपति द्वारा, असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, मंत्रि-परिषद् के परामर्श से किया जाता है ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) 1 और 2
  3. (c) 2 और 3
  4. (d) केवल 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 2 और 3

कथन 1 गलत है: राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर सदनों का सत्रावसान करते हैं।

कथन 2 सही है: सत्रावसान सामान्यतः अनिश्चितकालीन स्थगन के बाद होता है, किंतु सत्र में चल रहे सदन का भी सत्रावसान किया जा सकता है।

कथन 3 सही है: राष्ट्रपति सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर लोकसभा का विघटन करते हैं।

UPSC 2023

निम्नलिखित पर विचार कीजिए :

1. जनांकिकीय निष्पादन

2. वन और पारिस्थितिकी

3. शासन सुधार

4. स्थिर सरकार

5. कर एवं राजकोषीय प्रयास

समस्तर कर-अवक्रमण के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग ने उपर्युक्त में से कितने को जनसंख्या क्षेत्रफल और आय के अंतर के अलावा निकष के रूप में प्रयुक्त किया?

  1. (a) केवल दो
  2. (b) केवल तीन
  3. (c) केवल चार
  4. (d) सभी पाँच
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल तीन

पंद्रहवें वित्त आयोग ने छह मानदंड अपनाए: आय दूरी (45%), जनसंख्या (15%), क्षेत्रफल (15%), वन एवं पारिस्थितिकी (10%), जनसांख्यिकीय प्रदर्शन (12.5%) और कर एवं राजकोषीय प्रयास (2.5%)। जनसंख्या, क्षेत्रफल और आय दूरी के अलावा सूची के तीन मानदंड प्रयुक्त हुए। 'शासन सुधार' और 'स्थिर सरकार' मानदंड नहीं थे।

सारभूत रूप में, 'विधि की सम्यक् प्रक्रिया' का अभिप्राय क्या है?
  1. (a) नैसर्गिक न्याय का सिद्धांत
  2. (b) विधि द्वारा स्थापित पद्धति
  3. (c) विधि की निष्पक्ष प्रयुक्ति
  4. (d) विधि के समक्ष समता
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) नैसर्गिक न्याय का सिद्धांत

'विधि की सम्यक प्रक्रिया' (अमेरिकी संविधान से) की अपेक्षा है कि कानून और उसकी प्रक्रिया न्यायसंगत, उचित और युक्तियुक्त हो, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित हो। इसके विपरीत, 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' (अनुच्छेद 21 के मूल शब्द) केवल वैध रूप से बनी प्रक्रिया की अपेक्षा करती है। मेनका गांधी मामले (1978) में सर्वोच्च न्यायालय ने सम्यक प्रक्रिया के मानकों को अनुच्छेद 21 में पढ़ा।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : भारत में, दैनंदिन जेल प्रशासन के लिए, जेलों का अनुरक्षण राज्य सरकारें अपने नियमों और विनियमों से करती हैं।

कथन-II : भारत में, जेल का नियंत्रण जेल अधिनियम, 1894 द्वारा किया जाता है, जिससे जेल का विषय स्पष्ट रूप से प्रांतीय सरकारों के नियंत्रण में रहा।

उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

  1. (a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
  2. (b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
  3. (c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है
  4. (d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है

दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है। 'कारागार' राज्य सूची (प्रविष्टि 4) का विषय है, इसलिए राज्य अपने नियमों से कारागार चलाते हैं। कारागार अधिनियम, 1894 ने कारागारों को प्रांतीय (अब राज्य) सरकारों के नियंत्रण में रखा था।

निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन किसी देश के 'संविधान' के मुख्य प्रयोजन को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है?
  1. (a) यह आवश्यक विधियों के निर्माण के उद्देश्य का निर्धारण करता है।
  2. (b) यह राजनीतिक पदों और सरकार के सृजन को सुकर बनाता है।
  3. (c) यह सरकार की शक्तियों को परिभाषित और सीमाबद्ध करता है।
  4. (d) यह सामाजिक न्याय, सामाजिक समता और सामाजिक सुरक्षा को प्रतिभूत करता है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) यह सरकार की शक्तियों को परिभाषित और सीमाबद्ध करता है।

संविधान का मुख्य उद्देश्य सरकार की शक्तियों को परिभाषित और सीमित करना है (संविधानवाद)। यह बताता है कि प्रत्येक अंग क्या कर सकता है और नागरिकों के अधिकारों को सत्ता के दुरुपयोग से बचाता है।

भारत में, निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन के लिए व्यापक रूप से यह माना गया है कि उसे मूल अधिकारों की न्यायिक व्याख्या को अधिभूत करने के लिए अधिनियमित किया गया?
  1. (a) पहला संशोधन
  2. (b) 42वाँ संशोधन
  3. (c) 44वाँ संशोधन
  4. (d) 86वाँ संशोधन
उत्तर और व्याख्या देखें

UPSC ने अंतिम उत्तर कुंजी में यह प्रश्न हटा दिया था, इसलिए कोई विकल्प सही नहीं माना गया है।

संदर्भ के लिए: पहला संशोधन (1951) प्रायः मौलिक अधिकारों पर न्यायिक निर्णयों (जैसे चंपकम दोराईराजन और ज़मींदारी उन्मूलन मामले) को निष्प्रभावी करने हेतु लाया गया संशोधन माना जाता है। इसने अनुच्छेद 31A, 31B और नौवीं अनुसूची जोड़ी।

भारत के निम्नलिखित संगठनों / निकायों पर विचार कीजिए :

1. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग

2. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग

3. राष्ट्रीय विधि आयोग

4. राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग

उपर्युक्त में से कितने सांविधानिक निकाय हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) केवल तीन
  4. (d) सभी चार
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल एक

केवल राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संवैधानिक निकाय है (अनुच्छेद 338B, 102वें संशोधन, 2018 द्वारा)। NHRC वैधानिक है (मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993), विधि आयोग एक कार्यकारी निकाय है और NCDRC वैधानिक है (उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम)।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. यदि भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा शून्य घोषित कर दिया जाता है, तो ऐसे विनिश्चय की तिथि से पूर्व राष्ट्रपति के पद के कर्तव्यों के निष्पादन में राष्ट्रपति के द्वारा किए गए सभी कृत्य अविधिमान्य हो जाते हैं।

2. भारत के राष्ट्रपति के पद के लिए निर्वाचन इस आधार पर मुल्तवी किया जा सकता है कि कुछ विधान-सभाएँ विघटित हो गई हैं और उनके निर्वाचन अभी होने शेष हैं।

3. कोई विधेयक भारत के राष्ट्रपति को प्रस्तुत किए जाने पर, संविधान द्वारा विहित की गई समय-सीमा के अंदर राष्ट्रपति को अपनी अनुमति देनी होती है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) कोई भी नहीं

कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 71(2) के अनुसार निर्वाचन शून्य घोषित होने से पहले राष्ट्रपति द्वारा किए गए कार्य अमान्य नहीं होते।

कथन 2 गलत है: कुछ विधानसभाएँ भंग होने के आधार पर चुनाव स्थगित नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 71(4) के अनुसार निर्वाचक मंडल में रिक्तियों के आधार पर चुनाव को चुनौती नहीं दी जा सकती।

कथन 3 गलत है: संविधान राष्ट्रपति के लिए विधेयक पर निर्णय की कोई समय-सीमा तय नहीं करता, इसीलिए 'जेबी वीटो' संभव है।

भारतीय संसद में वित्त विधेयक और धन विधेयक के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. जब लोक सभा वित्त विधेयक को राज्य सभा में भेजती है, तो राज्य सभा उस विधेयक को संशोधित या अस्वीकृत कर सकती है।

2. जब लोक सभा धन विधेयक को राज्य सभा में भेजती है, तो राज्य सभा उस विधेयक को संशोधित या अस्वीकृत नहीं कर सकती, वह केवल अनुशंसाएँ कर सकती है।

3. लोक सभा और राज्य सभा के बीच असहमति होने पर, धन विधेयक के लिए कोई संयुक्त बैठक नहीं होती, किन्तु वित्त विधेयक के लिए संयुक्त बैठक आवश्यक होती है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल दो

कथन 1 सही है: राज्यसभा वित्त विधेयक (धन विधेयक के अतिरिक्त) में साधारण विधेयक की तरह संशोधन कर सकती है या उसे अस्वीकार कर सकती है।

कथन 2 सही है: धन विधेयक पर राज्यसभा केवल 14 दिनों में सिफ़ारिशें कर सकती है।

कथन 3 गलत है: धन विधेयक के लिए संयुक्त बैठक नहीं होती, किंतु वित्त विधेयक पर असहमति होने पर संयुक्त बैठक संभव है, अनिवार्य नहीं।

भारत में 'अनुसूचित क्षेत्र' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. किसी राज्य के भीतर, किसी क्षेत्र की अनुसूचित क्षेत्र के रूप में अधिसूचना राष्ट्रपति के एक आदेश के माध्यम से होती है।

2. अनुसूचित क्षेत्र के रूप में बनने वाली सबसे बड़ी प्रशासकीय इकाई जिला होता है और सबसे छोटी इकाई ब्लॉक में गाँवों का समूह होता है।

3. संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपेक्षित है कि वे राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के विषय में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को वार्षिक प्रतिवेदन दें।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल दो

कथन 1 सही है: पाँचवीं अनुसूची के तहत राष्ट्रपति आदेश द्वारा अनुसूचित क्षेत्र घोषित करते हैं।

कथन 2 सही है: सबसे बड़ी इकाई ज़िला और सबसे छोटी इकाई प्रखंड में गाँवों का समूह होती है।

कथन 3 गलत है: अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल राष्ट्रपति को देते हैं, मुख्यमंत्री नहीं।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : भारत के उच्चतम न्यायालय ने अपने कतिपय निर्णयों में यह विचारण किया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 16(4) के अधीन बनाई गई आरक्षण नीतियाँ प्रशासन की दक्षता को बनाए रखने के लिए अनुच्छेद 335 द्वारा सीमित होंगी।

कथन-II : भारत के संविधान का अनुच्छेद 335 'प्रशासन की दक्षता' पद को परिभाषित करता है।

उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

  1. (a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
  2. (b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
  3. (c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है
  4. (d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है

कथन-I सही है: इंद्रा साहनी और एम. नागराज जैसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 16(4) के तहत आरक्षण अनुच्छेद 335 के अंतर्गत प्रशासन की दक्षता बनाए रखने के अनुरूप होना चाहिए।

कथन-II गलत है: अनुच्छेद 335 'प्रशासन की दक्षता' को परिभाषित नहीं करता।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत के संविधान के अनुसार, केन्द्र सरकार का यह एक दायित्व है कि वह राज्यों को आंतरिक विक्षोभों से बचाए।

2. भारत का संविधान राज्यों को, निवारक निरोध में रखे जा रहे किसी व्यक्ति को विधिक काउंसेल उपलब्ध कराने से छूट प्रदान करता है।

3. आतंकवाद निवारण अधिनियम, 2002 के अनुसार, पुलिस के समक्ष अभियुक्त की संस्वीकृति को साक्ष्य के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल दो

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 355 के अनुसार बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्यों की रक्षा करना संघ का कर्तव्य है।

कथन 2 सही है: अनुच्छेद 22(3) निवारक निरोध में रखे व्यक्तियों को अनुच्छेद 22(1) के विधिक परामर्श के अधिकार से बाहर रखता है।

कथन 3 गलत है: POTA, 2002 ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (पुलिस अधीक्षक और ऊपर) के समक्ष स्वीकारोक्ति को सुरक्षा उपायों के साथ साक्ष्य के रूप में मान्य किया था।

भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. संसद के दोनों में से किसी भी सदन या राज्यों की विधान-सभाओं में नामनिर्दिष्ट किए गए सदस्य निर्वाचकमंडल में शामिल किए जाने के लिए भी अर्ह हैं।

2. निर्वाच्य विधान-सभा सीटें जितनी अधिक होती हैं, उस राज्य के प्रत्येक एम० एल० ए० के वोट का मान भी उतना ही अधिक होता है।

3. मध्य प्रदेश के प्रत्येक एम० एल० ए० के वोट का मान, केरल के प्रत्येक एम० एल० ए० के वोट के मान से अधिक है।

4. पुदुच्चेरी के प्रत्येक एम० एल० ए० के वोट का मान, अरुणाचल प्रदेश के प्रत्येक एम० एल० ए० के वोट के मान से अधिक है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश की तुलना में पुदुच्चेरी में कुल जनसंख्या का निर्वाच्य सीटों की कुल संख्या से अनुपात अधिक है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) सभी चार
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल एक

कथन 1 गलत है: मनोनीत सदस्य निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं होते।

कथन 2 गलत है: विधायक के मत का मूल्य राज्य की जनसंख्या को निर्वाचित सीटों से भाग देने (÷1000) पर निर्भर करता है, केवल सीटों की संख्या पर नहीं।

कथन 3 गलत है: मध्य प्रदेश के विधायक के मत का मूल्य (131) केरल के विधायक (152) से कम है।

कथन 4 सही है: पुडुचेरी के विधायक के मत का मूल्य (16) अरुणाचल प्रदेश (8) से अधिक है, क्योंकि जनसंख्या-सीट अनुपात अधिक है।

भारत की ध्वज संहिता, 2002 के अनुसार, भारत के राष्ट्रीय ध्वज के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : भारत के राष्ट्रीय ध्वज का एक मानक आमाप 600 मि० मी० × 400 मि० मी० है।

कथन-II : ध्वज की लंबाई से ऊँचाई (चौड़ाई) का अनुपात 3 : 2 होगा।

उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

  1. (a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
  2. (b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
  3. (c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है
  4. (d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है

कथन-I गलत है: ध्वज संहिता के मानक आकारों (जैसे 6300×4200, 3600×2400, 900×600, 450×300, 225×150 और 150×100 मिमी) में 600×400 मिमी शामिल नहीं है।

कथन-II सही है: लंबाई और ऊँचाई का अनुपात 3:2 है।

संविधान दिवस के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : नागरिकों के बीच सांविधानिक मूल्यों को संवर्धित करने के लिए संविधान दिवस प्रतिवर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है।

कथन-II : 26 नवंबर, 1949 को, भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए डॉ० बी० आर० अम्बेडकर की अध्यक्षता में एक प्रारूपण समिति बनाई।

उपर्युक्त कथनों के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

  1. (a) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
  2. (b) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
  3. (c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है
  4. (d) कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है

कथन-I सही है: संविधान दिवस 26 नवंबर (2015 से) संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

कथन-II गलत है: डॉ. बी. आर. आंबेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति 29 अगस्त 1947 को बनी थी। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अंगीकृत किया।

होम गार्ड के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. होम गार्ड को होम गार्ड अधिनियम और केन्द्र सरकार के नियमों के अधीन समुत्थापित किया जाता है।

2. होम गार्ड की भूमिका आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस को सहायक बल के रूप में सेवा देने की है।

3. अंतर्राष्ट्रीय सीमा/तटीय क्षेत्रों में घुसपैठ रोकने के लिए कुछ राज्यों में सीमा विंग होम गार्ड बटालियनें समुत्थापित की गई हैं।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. (a) केवल एक
  2. (b) केवल दो
  3. (c) सभी तीन
  4. (d) कोई भी नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल दो

कथन 1 गलत है: होमगार्ड संबंधित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के होमगार्ड अधिनियमों और नियमों के तहत गठित होते हैं, किसी केंद्रीय अधिनियम के तहत नहीं।

कथन 2 सही है: वे पुलिस के सहायक बल के रूप में कार्य करते हैं।

कथन 3 सही है: घुसपैठ रोकने में सहायता के लिए सीमावर्ती राज्यों में बॉर्डर विंग होमगार्ड बटालियनें गठित की गई हैं।

UPSC 2022

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. एच.एन. सान्याल समिति की रिपोर्ट के अनुसरण में, न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 पारित किया गया था।

2. भारत का संविधान उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों को, अपनी अवमानना के लिए दंड देने हेतु, शक्ति प्रदान करता है।

3. भारत का संविधान सिविल अवमानना और आपराधिक अवमानना को परिभाषित करता है।

4. भारत में, न्यायालय की अवमानना के विषय में कानून बनाने के लिए संसद में शक्ति निहित है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) 1, 2 और 4
  3. (c) केवल 3 और 4
  4. (d) केवल 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) 1, 2 और 4

कथन 1 सही है: न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 एच.एन. सान्याल समिति (1961) की रिपोर्ट के बाद बना।

कथन 2 सही है: अनुच्छेद 129 और 215 उच्चतम और उच्च न्यायालयों को अभिलेख न्यायालय बनाते हैं, जिन्हें अपनी अवमानना पर दंड देने की शक्ति है।

कथन 3 गलत है: सिविल और आपराधिक अवमानना की परिभाषा 1971 के अधिनियम में है, संविधान में नहीं।

कथन 4 सही है: संसद न्यायालय की अवमानना पर कानून बना सकती है (संघ सूची की प्रविष्टि 77 और समवर्ती सूची की प्रविष्टि 14)।

भारत के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. सरकारी विधि अधिकारी और विधिक फर्म अधिवक्ता के रूप में मान्यता प्राप्त हैं, किन्तु कॉर्पोरेट वकील और पेटेंट न्यायवादी अधिवक्ता की मान्यता से बाहर रखे गए हैं।

2. विधिज्ञ परिषदों (बार कौंसिलों) को विधिक शिक्षा और विधि महाविद्यालयों की मान्यता के बारे में नियम अधिकथित करने की शक्ति है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के अनुसार अधिवक्ता वह व्यक्ति है जो किसी राज्य विधिज्ञ परिषद की सूची में नामांकित हो। विधिक फर्म स्वयं अधिवक्ता नहीं होती, और अधिनियम कॉर्पोरेट वकीलों या पेटेंट न्यायवादियों को विशेष रूप से बाहर नहीं करता।

कथन 2 सही है: भारतीय विधिज्ञ परिषद विधिक शिक्षा के मानक निर्धारित करती है और उन विश्वविद्यालयों/विधि महाविद्यालयों को मान्यता देती है जिनकी उपाधि से नामांकन होता है।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. किसी संविधान संशोधन विधेयक को भारत के राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा होती है।

2. जब कोई संविधान संशोधन विधेयक भारत के राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, तो भारत के राष्ट्रपति के लिए यह बाध्यकर है कि वे अपनी अनुमति दें।

3. संविधान संशोधन विधेयक लोक सभा और राज्य सभा दोनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित होना ही चाहिए और इसके लिए संयुक्त बैठक का कोई उपबंध नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं ?

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2 और 3
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) केवल 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2 और 3

कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है।

कथन 2 सही है: 24वें संशोधन (1971) के बाद, विधिवत पारित संविधान संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति को अनुमति देनी ही होती है।

कथन 3 सही है: प्रत्येक सदन को इसे विशेष बहुमत से पारित करना होता है, और असहमति होने पर संयुक्त बैठक का कोई उपबंध नहीं है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत का संविधान मंत्रियों को चार श्रेणियों, अर्थात् कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री, राज्यमंत्री और उपमंत्री, में वर्गीकृत करता है।

2. संघ सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या, प्रधान मंत्री को मिला कर, लोक सभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिए।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: संविधान मंत्रियों को श्रेणियों में वर्गीकृत नहीं करता; कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री, राज्यमंत्री और उपमंत्री की श्रेणियाँ परंपरा और व्यवहार से बनी हैं।

कथन 2 सही है: 91वें संशोधन (2003) द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 75(1A) प्रधान मंत्री सहित मंत्रिपरिषद को लोक सभा के कुल सदस्यों के 15% तक सीमित करता है।

निम्नलिखित में कौन-सी लोक सभा की अनन्य शक्ति (याँ) है/हैं ?

1. आपात की उद्घोषणा का अनुसमर्थन करना

2. मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित करना

3. भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाना

नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) 1 और 2
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

1 अनन्य नहीं है: आपात की उद्घोषणा को एक माह के भीतर दोनों सदनों का अनुमोदन चाहिए (अनुच्छेद 352)।

2 अनन्य है: मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी है (अनुच्छेद 75(3)), अतः केवल लोक सभा अविश्वास प्रस्ताव पारित कर सकती है।

3 अनन्य नहीं है: राष्ट्रपति पर महाभियोग (अनुच्छेद 61) में दोनों सदन भाग लेते हैं; आरोप कोई भी सदन ला सकता है।

भारत में दल-बदल विरोधी कानून के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. यह कानून विनिर्दिष्ट करता है कि कोई नामनिर्दिष्ट विधायक सदन में नियुक्त होने के छह मास के अन्दर किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो सकता।

2. यह कानून कोई समयावधि नहीं देता जिसके अन्दर पीठासीन अधिकारी को दल-बदल मामला विनिश्चित करना होता है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: दसवीं अनुसूची के अनुसार नामनिर्दिष्ट सदस्य सीट ग्रहण करने के छह मास के भीतर किसी दल में शामिल हो सकता है; छह मास के बाद शामिल होने पर वह निरर्हित होता है।

कथन 2 सही है: अनुसूची अध्यक्ष/सभापति के लिए निर्णय की कोई समय-सीमा तय नहीं करती; उच्चतम न्यायालय (केशम मेघचंद्र सिंह, 2020) ने सामान्यतः तीन माह में निर्णय की बात कही, पर यह कानून में नहीं है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत का महान्यायवादी और भारत का सॉलिसिटर जनरल ही सरकार के एकमात्र अधिकारी हैं जिन्हें भारत की संसद की बैठकों में भाग लेने की अनुमति है।

2. भारत के संविधान के अनुसार, भारत का महान्यायवादी अपना त्यागपत्र दे देता है, जब वह सरकार जिसने उसको नियुक्त किया था इस्तीफा देती है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 88 के तहत महान्यायवादी (सॉलिसिटर जनरल नहीं) को किसी भी सदन की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार है, मत देने का नहीं; मंत्री भी भाग लेते हैं।

कथन 2 गलत है: संविधान कोई कार्यकाल या सरकार के साथ त्यागपत्र की बात नहीं कहता; महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, सरकार बदलने पर त्यागपत्र देना केवल परंपरा है।

भारत के न्यायालयों द्वारा जारी रिटों के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. किसी प्राइवेट संगठन के विरुद्ध, जब तक कि उसको कोई सार्वजनिक कार्य नहीं सौंपा गया हो, परमादेश (मैंडेमस) नहीं होगा।

2. किसी कंपनी के विरुद्ध, भले ही वह कोई सरकारी कंपनी हो, परमादेश (मैंडेमस) नहीं होगा।

3. कोई भी लोक-प्रवण व्यक्ति (पब्लिक माइंडेड परसन) अधिकार-पृच्छा (क्वो वारंटो) रिट प्राप्त करने हेतु न्यायालय में समावेदन करने के लिए याची (पिटीशनर) हो सकता है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं ?

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2 और 3
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3

कथन 1 सही है: परमादेश लोक प्राधिकारियों के विरुद्ध जारी होता है, और निजी संस्था के विरुद्ध तभी जब वह कोई सार्वजनिक कर्तव्य निभा रही हो।

कथन 2 गलत है: सरकारी कंपनी अनुच्छेद 12 के तहत "राज्य" है, अतः उसके विरुद्ध परमादेश जारी हो सकता है।

कथन 3 सही है: अधिकार-पृच्छा (लोक पद धारण करने के अधिकार पर प्रश्न) के लिए कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है; उसका स्वयं पीड़ित होना आवश्यक नहीं।

लोकसभा के उपाध्यक्ष के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. लोकसभा के कार्य-पद्धति और कार्य-संचालन नियमों के अनुसार, उपाध्यक्ष का निर्वाचन उस तारीख को होगा जो अध्यक्ष नियत करे।

2. यह आज्ञापक उपबंध है कि लोकसभा के उपाध्यक्ष के रूप में किसी प्रतियोगी का निर्वाचन या तो मुख्य विपक्षी दल से, या शासक दल से, होगा।

3. सदन की बैठक की अध्यक्षता करते समय उपाध्यक्ष की शक्ति वैसी ही होती है जैसी कि अध्यक्ष की, और उसके विनिर्णयों के विरुद्ध कोई अपील नहीं हो सकती।

4. उपाध्यक्ष की नियुक्ति के बारे में सुस्थापित संसदीय पद्धति यह है कि प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा रखा जाता है और प्रधान मंत्री द्वारा विधिवत समर्थित होता है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं?

  1. (a) केवल 1 और 3
  2. (b) 1, 2 और 3
  3. (c) केवल 3 और 4
  4. (d) केवल 2 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1 और 3

कथन 1 सही है: लोक सभा नियमों का नियम 8 कहता है कि उपाध्यक्ष का निर्वाचन अध्यक्ष द्वारा नियत तारीख को होगा।

कथन 2 गलत है: उपाध्यक्ष किस दल से हो, इसका कोई आज्ञापक उपबंध नहीं; विपक्ष को पद देना केवल परंपरा है।

कथन 3 सही है: अध्यक्षता करते समय उपाध्यक्ष को अध्यक्ष की शक्तियाँ प्राप्त होती हैं और उसके विनिर्णयों के विरुद्ध अपील नहीं होती।

कथन 4 गलत है: अध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव रखे जाने और प्रधान मंत्री द्वारा समर्थन की कोई सुस्थापित पद्धति नहीं है; प्रस्ताव सदस्य रखते और समर्थित करते हैं।

यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र को भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अधीन लाया जाए, तो निम्नलिखित कथनों में कौन-सा एक, इसके परिणाम को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है ?
  1. (a) इससे जनजातीय लोगों की जमीनें गैर-जनजातीय लोगों को अंतरित करने पर रोक लगेगी।
  2. (b) इससे उस क्षेत्र में एक स्थानीय स्वशासी निकाय का सृजन होगा।
  3. (c) इससे वह क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र में बदल जाएगा।
  4. (d) जिस राज्य के पास ऐसे क्षेत्र होंगे, उसे विशेष कोटि का राज्य घोषित किया जाएगा।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) इससे जनजातीय लोगों की जमीनें गैर-जनजातीय लोगों को अंतरित करने पर रोक लगेगी।

पाँचवीं अनुसूची के तहत राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्र के लिए ऐसे विनियम बना सकता है जो जनजातियों द्वारा या उनके बीच भूमि अंतरण को निषिद्ध या प्रतिबंधित करें, जिससे व्यवहार में जनजातीय भूमि का गैर-जनजातियों को अंतरण रुकता है।

इससे स्वायत्त परिषद नहीं बनती (यह छठी अनुसूची में है), क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र नहीं बनता और विशेष श्रेणी का दर्जा नहीं मिलता।

UPSC 2021

हमने ब्रिटिश मॉडल पर आधारित संसदीय लोकतंत्र को अपनाया है, किन्तु हमारा मॉडल उस मॉडल से किस प्रकार भिन्न है?

1. जहाँ तक विधि-निर्माण का संबंध है, ब्रिटिश संसद सर्वोपरि अथवा संप्रभु है, किन्तु भारत में संसद की विधि-निर्माण की शक्ति परिसीमित है।

2. भारत में, संसद के किसी अधिनियम के संशोधन की संवैधानिकता से संबंधित मामले उच्चतम न्यायालय द्वारा संविधान पीठ को भेजे जाते हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों

कथन 1 सही है: ब्रिटिश संसद संप्रभु है, जबकि भारतीय संसद की विधि-निर्माण शक्ति संविधान, संघीय विभाजन और न्यायिक पुनर्विलोकन से सीमित है।

कथन 2 सही है: संविधान की व्याख्या के सारवान प्रश्न, जैसे संशोधनों की वैधता, कम से कम पाँच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को भेजे जाते हैं (अनुच्छेद 145(3))।

संघ सरकार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. एन० गोपालास्वामी आयंगर समिति ने सुझाव दिया था कि किसी मंत्री और किसी सचिव को प्रशासनिक सुधार करने और उसे बढ़ावा देने के लिए पूर्णतः नामित किया जाना चाहिए।

2. प्रशासनिक सुधार आयोग, 1966 की संस्तुति के आधार पर वर्ष 1970 में कार्मिक विभाग का गठन किया गया और इसे प्रधानमंत्री के प्रभार के अधीन रखा गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों

कथन 1 सही माना गया है: सरकारी तंत्र के पुनर्गठन पर गोपालास्वामी आयंगर रिपोर्ट (1949) ने प्रशासनिक सुधार पर समर्पित ध्यान पर ज़ोर दिया, जिससे O&M प्रभाग (1954) बना।

कथन 2 सही है: प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) के बाद 1970 में मंत्रिमंडल सचिवालय में प्रधानमंत्री के अधीन कार्मिक विभाग बना।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत 'निजता का अधिकार' संरक्षित है?
  1. (a) अनुच्छेद 15
  2. (b) अनुच्छेद 19
  3. (c) अनुच्छेद 21
  4. (d) अनुच्छेद 29
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) अनुच्छेद 21

न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (2017) में नौ न्यायाधीशों की पीठ ने माना कि निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 के जीवन और दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार (और पूरे भाग III) का अंग है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है जो प्रत्याशियों को किसी एक लोक सभा चुनाव में तीन निर्वाचन क्षेत्रों से लड़ने से रोकता है।

2. 1991 के लोक सभा चुनाव में श्री देवी लाल ने तीन लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था।

3. वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि कोई प्रत्याशी किसी एक लोक सभा चुनाव में कई निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ता है, तो उसकी पार्टी को उन निर्वाचन क्षेत्रों के उप-चुनावों का खर्च उठाना चाहिए, जिन्हें उसने खाली किया है बशर्ते वह सभी निर्वाचन क्षेत्रों से विजयी हुआ हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 3
  4. (d) 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: 1996 से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33(7) प्रत्याशी को दो निर्वाचन क्षेत्रों तक सीमित करती है।

कथन 2 सही है: 1991 में देवी लाल ने तीन लोक सभा क्षेत्रों (सीकर, रोहतक, फिरोज़पुर) से चुनाव लड़ा।

कथन 3 गलत है: पार्टी द्वारा उप-चुनाव का खर्च उठाने का कोई नियम नहीं; यह केवल निर्वाचन आयोग का प्रस्ताव रहा है।

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. न्यायिक हिरासत का अर्थ है कि अभियुक्त संबंधित मजिस्ट्रेट की हिरासत में है और ऐसे अभियुक्त को पुलिस स्टेशन के हवालात में रखा जाता है न कि जेल में।

2. न्यायिक हिरासत के दौरान, मामले के प्रभारी पुलिस अधिकारी, न्यायालय की अनुमति के बिना संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ नहीं कर सकते।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: न्यायिक हिरासत में अभियुक्त मजिस्ट्रेट की हिरासत में जेल में रहता है; पुलिस हिरासत का अर्थ है थाने का हवालात।

कथन 2 सही है: न्यायिक हिरासत के दौरान पूछताछ के लिए पुलिस को न्यायालय की अनुमति चाहिए।

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. जब एक कैदी पर्याप्त आधार प्रस्तुत करता है, तो ऐसे कैदी को पैरोल मना नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह उसके अधिकार का मामला बन जाता है।

2. कैदी को पैरोल पर छोड़ने के लिए राज्य सरकारों के अपने नियम हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: पैरोल सशर्त, विवेकाधीन रिहाई है और पर्याप्त आधार होने पर भी अधिकार का मामला नहीं।

कथन 2 सही है: कारागार राज्य सूची का विषय है, और प्रत्येक राज्य के अपने पैरोल और फ़र्लो नियम हैं।

कानून को लागू करने के मामले में कोई विधान, जो किसी कार्यपालक अथवा प्रशासनिक प्राधिकारी को अनिर्देशित एवं अनियंत्रित विवेकाधिकार देता है, भारत के संविधान के निम्नलिखित अनुच्छेदों में से किसका उल्लंघन करता है?
  1. (a) अनुच्छेद 14
  2. (b) अनुच्छेद 28
  3. (c) अनुच्छेद 32
  4. (d) अनुच्छेद 44
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) अनुच्छेद 14

अनिर्देशित, अनियंत्रित विवेकाधिकार मनमाने और असमान व्यवहार की अनुमति देता है, अतः ऐसा कानून अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समता) का उल्लंघन करता है, जैसा ई.पी. रोयप्पा और मेनका गांधी मामलों में माना गया।

भारतीय राज्य-व्यवस्था में, निम्नलिखित में से कौन-सी अनिवार्य विशेषता है, जो यह दर्शाती है कि उसका स्वरूप संघीय है?
  1. (a) न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुरक्षित है।
  2. (b) संघ की विधायिका में संघटक इकाइयों के निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं।
  3. (c) केन्द्रीय मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय पार्टियों के निर्वाचित प्रतिनिधि हो सकते हैं।
  4. (d) मूल अधिकार न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय हैं।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुरक्षित है।

संघ और राज्यों के विवाद सुलझाने और संविधान की व्याख्या के लिए संघ व्यवस्था में स्वतंत्र न्यायपालिका आवश्यक है, अतः विकल्पों में यही अनिवार्य संघीय विशेषता है।

इकाइयों के निर्वाचित प्रतिनिधि, मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय दल या प्रवर्तनीय अधिकार अपने आप में संघीय लक्षण नहीं हैं।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

निम्नलिखित में से कौन-सा 'राज्य' शब्द को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
  1. (a) व्यक्तियों का एक समुदाय, जो बिना किसी बाह्य नियंत्रण के एक निश्चित भूभाग में स्थायी रूप से निवास करता है और जिसकी एक संगठित सरकार है
  2. (b) एक निश्चित भूभाग के राजनैतिक रूप से संगठित लोग, जो स्वयं पर शासन करने, कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने, अपने नैसर्गिक अधिकारों की रक्षा करने तथा अपनी जीविका के साधनों को सुरक्षित रखने का अधिकार रखते हैं
  3. (c) बहुत से व्यक्ति, जो एक निश्चित भूभाग में बहुत लंबे समय से अपनी संस्कृति, परंपरा और शासन-व्यवस्था के साथ रहते आए हैं
  4. (d) एक निश्चित भूभाग में स्थायी रूप से रह रहा समाज, जिसकी एक केन्द्रीय प्राधिकारी तथा केन्द्रीय प्राधिकारी के प्रति उत्तरदायी कार्यपालिका और एक स्वतंत्र न्यायपालिका है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) व्यक्तियों का एक समुदाय, जो बिना किसी बाह्य नियंत्रण के एक निश्चित भूभाग में स्थायी रूप से निवास करता है और जिसकी एक संगठित सरकार है

राज्य की शास्त्रीय परिभाषा के चार तत्त्व हैं: जनसंख्या, निश्चित भूभाग, सरकार और संप्रभुता (बाह्य नियंत्रण से स्वतंत्रता), जिन्हें विकल्प (a) समेटता है।

भारतीय न्यायपालिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत के राष्ट्रपति की पूर्वानुमति से भारत के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा उच्चतम न्यायालय से सेवानिवृत्त किसी न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर बैठने और कार्य करने हेतु बुलाया जा सकता है।

2. भारत में किसी उच्च न्यायालय को अपने निर्णय के पुनर्विलोकन की शक्ति प्राप्त है, जैसा कि उच्चतम न्यायालय के पास है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 128 के तहत भारत के मुख्य न्यायमूर्ति, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, सेवानिवृत्त न्यायाधीश से उच्चतम न्यायालय में बैठने और कार्य करने का अनुरोध कर सकते हैं।

कथन 2 सही है: अभिलेख न्यायालय होने के नाते उच्च न्यायालय अपने निर्णयों का पुनर्विलोकन कर सकते हैं (अनुच्छेद 215 और सिविल प्रक्रिया संहिता), जैसे उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 137 के तहत।

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत में केवल एक ही नागरिकता और एक ही अधिवास है।

2. जो व्यक्ति जन्म से नागरिक हो, केवल वही राष्ट्राध्यक्ष बन सकता है।

3. जिस विदेशी को एक बार नागरिकता दे दी गई है, किसी भी परिस्थिति में उसे इससे वंचित नहीं किया जा सकता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 3
  4. (d) 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1

कथन 1 सही है: भारत में पूरे देश के लिए एकल नागरिकता और एक अधिवास है।

कथन 2 गलत है: जन्म से या देशीयकरण से कोई भी नागरिक राष्ट्रपति बन सकता है।

कथन 3 गलत है: नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 10 के तहत देशीयकृत या पंजीकृत नागरिक को (जैसे धोखाधड़ी या निष्ठाहीनता पर) नागरिकता से वंचित किया जा सकता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कारक किसी उदार लोकतंत्र में स्वतंत्रता की सर्वोत्तम सुरक्षा को नियत करता है?
  1. (a) एक प्रतिबद्ध न्यायपालिका
  2. (b) शक्तियों का केन्द्रीकरण
  3. (c) निर्वाचित सरकार
  4. (d) शक्तियों का पृथक्करण
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) शक्तियों का पृथक्करण

विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में शक्तियों का पृथक्करण, नियंत्रण और संतुलन सहित, शक्ति के केन्द्रीकरण को रोकता है और स्वतंत्रता की सर्वोत्तम सुरक्षा है (मॉन्टेस्क्यू)।

भारतीय संविधान के अंतर्गत धन का केन्द्रीकरण किसका उल्लंघन करता है?
  1. (a) समता का अधिकार
  2. (b) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
  3. (c) स्वातंत्र्य का अधिकार
  4. (d) कल्याण की अवधारणा
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

अनुच्छेद 39(ग), एक निदेशक तत्त्व, राज्य से अपेक्षा करता है कि आर्थिक व्यवस्था ऐसी न हो जिससे धन का संकेन्द्रण सर्वसाधारण के लिए अहितकारी हो।

भारत में संपत्ति के अधिकार की क्या स्थिति है?
  1. (a) यह विधिक अधिकार है, जो केवल नागरिकों को प्राप्त है
  2. (b) यह विधिक अधिकार है, जो किसी भी व्यक्ति को प्राप्त है
  3. (c) यह मूल अधिकार है, जो केवल नागरिकों को प्राप्त है
  4. (d) यह न तो मूल अधिकार है, न ही विधिक अधिकार
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) यह विधिक अधिकार है, जो किसी भी व्यक्ति को प्राप्त है

44वें संशोधन (1978) ने संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से हटा दिया; अब यह अनुच्छेद 300क के तहत संवैधानिक/विधिक अधिकार है, जो केवल नागरिकों को नहीं, हर व्यक्ति को प्राप्त है।

26 जनवरी, 1950 को भारत की वास्तविक सांविधानिक स्थिति क्या थी?
  1. (a) लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  2. (b) संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  3. (c) संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  4. (d) संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य

26 जनवरी 1950 को उद्देशिका ने भारत को "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" घोषित किया।

"समाजवादी" और "पंथनिरपेक्ष" शब्द 1976 में 42वें संशोधन से जोड़े गए।

सांविधानिक सरकार का आशय क्या है?
  1. (a) किसी राष्ट्र की परिसंघीय संरचना वाली एक प्रतिनिधि सरकार
  2. (b) कोई सरकार, जिसके प्रमुख के पास नाममात्र की शक्तियाँ हों
  3. (c) कोई सरकार, जिसके प्रमुख के पास वास्तविक शक्तियाँ हों
  4. (d) कोई सरकार, जो संविधान की सीमाओं से परिबद्ध हो
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) कोई सरकार, जो संविधान की सीमाओं से परिबद्ध हो

सांविधानिक सरकार (संविधानवाद) का अर्थ है सीमित सरकार: उसकी शक्तियाँ संविधान द्वारा परिभाषित और सीमित होती हैं, जिससे नागरिक मनमाने शासन से सुरक्षित रहते हैं।

UPSC 2020

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. 'आधार' मेटाडेटा को तीन महीने से अधिक संग्रहित नहीं रखा जा सकता है।

2. राज्य निजी निगमों (Corporations) से 'आधार' डेटा को साझा करने के लिए कोई अनुबंध नहीं कर सकता।

3. 'आधार' बीमा उत्पादों को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।

4. 'आधार' भारत की संचित निधि से हितलाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1 और 4
  2. (b) केवल 2 और 4
  3. (c) केवल 3
  4. (d) केवल 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2 और 4

कथन 1 गलत है: पुट्टास्वामी (आधार, 2018) में उच्चतम न्यायालय ने प्रमाणीकरण मेटाडेटा का संग्रह छह माह तक सीमित किया, तीन माह नहीं।

कथन 2 सही है: न्यायालय ने धारा 57 को रद्द किया, जिससे निजी निकाय आधार का उपयोग कर सकते थे; अतः राज्य आधार डेटा साझा करने के लिए निजी निगमों से अनुबंध नहीं कर सकता।

कथन 3 गलत है: बीमा या अन्य निजी सेवाओं के लिए आधार अनिवार्य नहीं है।

कथन 4 सही है: आधार अधिनियम की धारा 7 के तहत संचित निधि से वित्तपोषित सब्सिडी और लाभों के लिए आधार अनिवार्य किया जा सकता है।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

राज्य सभा की लोक सभा के समान शक्तियाँ किस क्षेत्र में हैं?
  1. (a) नई अखिल भारतीय सेवाएँ गठित करने के विषय में
  2. (b) संविधान में संशोधन करने के विषय में
  3. (c) सरकार को हटाने के विषय में
  4. (d) कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत करने के विषय में
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) संविधान में संशोधन करने के विषय में

संविधान संशोधन विधेयक प्रत्येक सदन को अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित करना होता है और संयुक्त बैठक नहीं होती, अतः संविधान संशोधन में राज्य सभा की शक्ति समान है।

नई अखिल भारतीय सेवा के लिए राज्य सभा का संकल्प चाहिए (अनुच्छेद 312, उसकी विशेष शक्ति), जबकि सरकार को हटाना और कटौती प्रस्ताव लोक सभा के विषय हैं।

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अन्तर्गत निधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं ?

1. MPLADS निधियाँ टिकाऊ परिसंपत्तियों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, आदि की भौतिक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में ही प्रयुक्त हो सकती हैं।

2. प्रत्येक सांसद की निधि का एक निश्चित अंश अनुसूचित जाति/जनजाति जनसंख्या के लाभार्थ प्रयुक्त होना आवश्यक है।

3. MPLADS निधियाँ वार्षिक आधार पर स्वीकृत की जाती हैं और अप्रयुक्त निधि को अगले वर्ष के लिए अग्रेनीत नहीं किया जा सकता।

4. कार्यान्वित हो रहे सभी कार्यों में से कम-से-कम 10% कार्यों का जिला प्राधिकारी द्वारा प्रति वर्ष निरीक्षण अनिवार्य है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 3 और 4
  3. (c) केवल 1, 2 और 3
  4. (d) केवल 1, 2 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) केवल 1, 2 और 4

कथन 1 सही है: MPLADS के कार्यों से टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियाँ बननी चाहिए।

कथन 2 सही है: कम से कम 15% राशि अनुसूचित जाति और 7.5% अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में खर्च होती है।

कथन 3 गलत है: MPLADS निधि व्यपगत नहीं होती, अप्रयुक्त राशि आगे जाती है।

कथन 4 सही है: जिला प्राधिकारी को हर वर्ष कम से कम 10% कार्यों का निरीक्षण करना होता है।

निम्नलिखित मूल अधिकारों के किस संवर्ग में अस्पृश्यता के रूप में किए गए विभेदन के विरुद्ध संरक्षण समाविष्ट है?
  1. (a) शोषण के विरुद्ध अधिकार
  2. (b) स्वतंत्रता का अधिकार
  3. (c) सांविधानिक उपचार का अधिकार
  4. (d) समता का अधिकार
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) समता का अधिकार

अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है और उसका आचरण निषिद्ध करता है; यह समता के अधिकार (अनुच्छेद 14–18) के अंतर्गत है।

भारत में, न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण, किससे व्यादेशित है ?
  1. (a) संविधान की उद्देशिका द्वारा
  2. (b) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व द्वारा
  3. (c) सातवीं अनुसूची द्वारा
  4. (d) परम्परागत व्यवहार द्वारा
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व द्वारा

अनुच्छेद 50, एक निदेशक तत्त्व, राज्य को लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करने का निर्देश देता है।

परिभाषा से, संवैधानिक सरकार का अर्थ है
  1. (a) विधान मंडल द्वारा सरकार
  2. (b) लोकप्रिय सरकार
  3. (c) बहु-दलीय सरकार
  4. (d) सीमित सरकार
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) सीमित सरकार

संवैधानिक सरकार सीमित सरकार है: उसकी शक्तियाँ संविधान, विधि के शासन और नागरिकों के अधिकारों से परिभाषित और नियंत्रित होती हैं।

मूल अधिकारों के अतिरिक्त, भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा/से भाग मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा 1948 (Universal Declaration of Human Rights 1948) के सिद्धांतों एवं प्रावधानों को प्रतिबिंबित करता / करते है/हैं ?

1. उद्देशिका

2. राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

3. मूल कर्तव्य

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) 1, 2 और 3

UDHR के गरिमा, स्वतंत्रता और समता के आदर्श उद्देशिका में, उसके सामाजिक-आर्थिक अधिकार निदेशक तत्त्वों में, और समुदाय के प्रति कर्तव्य (UDHR का अनुच्छेद 29) मूल कर्तव्यों में दिखते हैं।

तीनों में घोषणा की झलक है।

भारत में, विधिक सेवा प्रदान करने वाले प्राधिकरण (Legal Services Authorities), निम्नलिखित में से किस प्रकार के नागरिकों को निःशुल्क विधिक सेवाएँ प्रदान करते हैं ?

1. ₹ 1,00,000 से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति को

2. ₹ 2,00,000 से कम वार्षिक आय वाले ट्रांसजेंडर को

3. ₹ 3,00,000 से कम वार्षिक आय वाले अन्य पिछड़े वर्ग (OBC) के सदस्य को

4. सभी वरिष्ठ नागरिकों को

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 3 और 4
  3. (c) केवल 2 और 3
  4. (d) केवल 1 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1 और 2

विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत अधिसूचित आय सीमा (उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति की योजना में ₹1 लाख) से कम आय वाले व्यक्तियों और राज्य नियमों के तहत एक सीमा (दिल्ली में ₹2 लाख) से कम आय वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता मिलती है।

केवल OBC होना आधार नहीं है, और सभी वरिष्ठ नागरिक नहीं, केवल जहाँ राज्य नियम प्रावधान करें वहीं आते हैं।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

संसदीय व्यवस्था वाली सरकार वह होती है जिसमें
  1. (a) संसद के सभी राजनीतिक दलों का सरकार में प्रतिनिधित्व होता है
  2. (b) सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी होती है और उसके द्वारा हटाई जा सकती है
  3. (c) सरकार लोगों के द्वारा निर्वाचित होती है और उनके द्वारा हटाई जा सकती है
  4. (d) सरकार संसद के द्वारा चुनी जाती है किंतु निर्धारित समयावधि के पूर्ण होने के पूर्व हटाई नहीं जा सकती
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी होती है और उसके द्वारा हटाई जा सकती है

संसदीय प्रणाली में कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) विधायिका से आती है, उसके प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है और अविश्वास प्रस्ताव से हटाई जा सकती है।

भारत के संविधान का कौन-सा भाग कल्याणकारी राज्य के आदर्श की घोषणा करता है ?
  1. (a) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
  2. (b) मूल अधिकार
  3. (c) उद्देशिका
  4. (d) सातवीं अनुसूची
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व (भाग IV, जैसे अनुच्छेद 38, 39, 41–47) कल्याणकारी राज्य का लक्ष्य रखते हैं और राज्य को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत का संविधान अपने 'मूल ढाँचे' को संघवाद, पंथनिरपेक्षता, मूल अधिकारों तथा लोकतंत्र के रूप में परिभाषित करता है।

2. भारत का संविधान, नागरिकों की स्वतंत्रता तथा उन आदर्शों जिन पर संविधान आधारित है, की सुरक्षा हेतु 'न्यायिक पुनरवलोकन' की व्यवस्था करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: संविधान अपने मूल ढाँचे को परिभाषित नहीं करता; यह सिद्धांत उच्चतम न्यायालय ने केशवानंद भारती (1973) और बाद के मामलों में दिया।

कथन 2 सही है: अनुच्छेद 13, 32 और 226 के माध्यम से संविधान अधिकारों और संवैधानिक आदर्शों की रक्षा के लिए न्यायिक पुनर्विलोकन की व्यवस्था करता है।

गाँधीवाद और मार्क्सवाद के बीच एक समान सहमति पाई जाती है। यह निम्नलिखित में से कौन-सी है ?
  1. (a) एक अंतिम लक्ष्य के रूप में राज्यविहीन समाज
  2. (b) वर्ग संघर्ष
  3. (c) निजी संपत्ति की समाप्ति
  4. (d) आर्थिक नियतिवाद
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) एक अंतिम लक्ष्य के रूप में राज्यविहीन समाज

गाँधी और मार्क्स दोनों ने राज्यविहीन समाज को आदर्श अंतिम लक्ष्य माना: गाँधी का स्व-नियंत्रित व्यक्तियों का प्रबुद्ध अराजकतावाद और मार्क्स का साम्यवाद में राज्य का विलोप।

वर्ग संघर्ष, निजी संपत्ति (गाँधी न्यासिता के पक्ष में थे) और आर्थिक नियतिवाद पर दोनों में मतभेद था।

भारत के संदर्भ में, नौकरशाही का निम्नलिखित में से कौन-सा उपयुक्त चरित्र-चित्रण है ?
  1. (a) संसदीय लोकतंत्र की व्याप्ति को विस्तार देने वाला अभिकरण
  2. (b) संघीय ढाँचे को सुदृढ़ करने वाला अभिकरण
  3. (c) राजनीतिक स्थायित्व और आर्थिक वृद्धि को सुलभ बनाने वाला अभिकरण
  4. (d) लोक नीति को कार्यान्वित करने वाला अभिकरण
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) लोक नीति को कार्यान्वित करने वाला अभिकरण

नौकरशाही स्थायी कार्यपालिका है, जिसकी मुख्य भूमिका राजनीतिक कार्यपालिका और विधायिका द्वारा बनाई गई लोक नीति और कानूनों को कार्यान्वित करना है।

भारत के संविधान की उद्देशिका
  1. (a) संविधान का भाग है किंतु कोई विधिक प्रभाव नहीं रखती
  2. (b) संविधान का भाग नहीं है और कोई विधिक प्रभाव भी नहीं रखती
  3. (c) संविधान का भाग है और वैसा ही विधिक प्रभाव रखती है जैसा कि उसका कोई अन्य भाग
  4. (d) संविधान का भाग है किंतु उसके अन्य भागों से स्वतंत्र होकर उसका कोई विधिक प्रभाव नहीं है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) संविधान का भाग है किंतु उसके अन्य भागों से स्वतंत्र होकर उसका कोई विधिक प्रभाव नहीं है

केशवानंद भारती (1973) में उच्चतम न्यायालय ने उद्देशिका को संविधान का भाग माना।

यह स्वयं न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं है; यह अन्य प्रावधानों की व्याख्या में मार्गदर्शन करती है।

भारत के संविधान के भाग IV में अंतर्विष्ट प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

1. वे न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय होंगे।

2. वे किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे।

3. इस भाग में अधिकथित सिद्धान्त राज्य के द्वारा क़ानून बनाने को प्रभावित करेंगे।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) केवल 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) केवल 2 और 3

अनुच्छेद 37 के तहत भाग IV के निदेशक तत्त्व किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, पर शासन में मूलभूत हैं और राज्य को कानून बनाते समय इन्हें लागू करना है।

अतः कथन 2 और 3 सही हैं।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत के संविधान के अनुसार, कोई भी ऐसा व्यक्ति जो मतदान के लिए योग्य है, किसी राज्य में छह माह के लिए मंत्री बनाया जा सकता है तब भी जब कि वह उस राज्य के विधान-मंडल का सदस्य नहीं है।

2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार, कोई भी ऐसा व्यक्ति जो दांडिक अपराध के अन्तर्गत दोषी पाया गया है और जिसे पाँच वर्ष के लिए कारावास का दंड दिया गया है, चुनाव लड़ने के लिए स्थायी तौर पर निरर्हित हो जाता है भले ही वह कारावास से मुक्त हो चुका हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 164(4) के तहत गैर-सदस्य छह माह तक मंत्री रह सकता है, पर उसे विधानमंडल का सदस्य बनने के योग्य (जैसे न्यूनतम 25 वर्ष आयु) होना चाहिए, जो केवल मतदान की योग्यता से अधिक है।

कथन 2 गलत है: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 के तहत दो वर्ष या अधिक की सज़ा पाने वाला कारावास अवधि और रिहाई के छह वर्ष बाद तक निरर्हित रहता है, स्थायी रूप से नहीं।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत का राष्ट्रपति ऐसे स्थान पर जिसे वह ठीक समझे, संसद का सत्र आहूत (आह्वान) कर सकता है।

2. भारत का संविधान एक वर्ष में संसद के तीन सत्रों का प्रावधान करता है, किंतु सभी तीन सत्रों का चलाया जाना अनिवार्य नहीं है।

3. एक वर्ष में दिनों की कोई न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं है जब संसद का चलना आवश्यक हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) केवल 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 85 के तहत राष्ट्रपति प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर आहूत करता है जो वह ठीक समझे।

कथन 2 गलत है: संविधान तीन सत्रों का प्रावधान नहीं करता; केवल यह अपेक्षा है कि दो सत्रों के बीच छह माह का अंतर न हो। तीन सत्र परंपरा हैं।

कथन 3 सही है: एक वर्ष में बैठकों के न्यूनतम दिनों की कोई संख्या तय नहीं है।

UPSC 2019

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत के संविधान के 44वें संशोधन द्वारा लाए गए एक अनुच्छेद ने प्रधानमंत्री के निर्वाचन को न्यायिक पुनर्विलोकन के परे कर दिया।

2. भारत के संविधान के 99वें संशोधन को भारत के उच्चतम न्यायालय ने अभिखंडित कर दिया क्योंकि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता का अतिक्रमण करता था।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: 39वें संशोधन (1975) ने प्रधानमंत्री के निर्वाचन को न्यायिक पुनर्विलोकन से परे किया था; 44वें संशोधन (1978) ने उस प्रावधान को हटाया।

कथन 2 सही है: 2015 में उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाने वाले 99वें संशोधन को न्यायपालिका की स्वतंत्रता (मूल ढाँचे का भाग) के उल्लंघन के कारण रद्द किया।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 के अनुसार, भारत के उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश पर महाभियोग चलाने के प्रस्ताव को लोक सभा के अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार नहीं किया जा सकता।

2. भारत का संविधान यह परिभाषित करता है और ब्यौरे देता है कि क्या-क्या भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की 'अक्षमता और सिद्ध कदाचार' को गठित करते हैं।

3. भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के महाभियोग की प्रक्रिया के ब्यौरे न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 में दिए गए हैं।

4. यदि किसी न्यायाधीश के महाभियोग के प्रस्ताव को मतदान हेतु लिया जाता है, तो विधि द्वारा अपेक्षित है कि यह प्रस्ताव संसद के प्रत्येक सदन द्वारा समर्थित हो और उस सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा तथा संसद के उस सदन के कुल उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई द्वारा समर्थित हो।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) 1 और 2
  2. (b) केवल 3
  3. (c) केवल 3 और 4
  4. (d) 1, 3 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 3 और 4

कथन 1 गलत है: न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 के तहत अध्यक्ष (या सभापति) प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार कर सकते हैं।

कथन 2 गलत है: संविधान 'अक्षमता' या 'सिद्ध कदाचार' को परिभाषित नहीं करता।

कथन 3 सही है: प्रक्रिया न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 में है।

कथन 4 सही है: प्रस्ताव प्रत्येक सदन में कुल सदस्य संख्या के बहुमत और उपस्थित व मत देने वालों के दो-तिहाई से पारित होना चाहिए।

किस प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान भारत के संविधान में नौवीं अनुसूची को पुरःस्थापित किया गया था?
  1. (a) जवाहरलाल नेहरू
  2. (b) लाल बहादुर शास्त्री
  3. (c) इंदिरा गाँधी
  4. (d) मोरारजी देसाई
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) जवाहरलाल नेहरू

नौवीं अनुसूची प्रथम संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय जोड़ी गई, ताकि भूमि सुधार कानूनों को न्यायिक पुनर्विलोकन से बचाया जा सके।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. संसद (निरर्हता निवारण) अधिनियम, 1959 कई पदों को 'लाभ का पद' के आधार पर निरर्हता से छूट देता है।

2. उपर्युक्त अधिनियम पाँच बार संशोधित किया गया था।

3. शब्द 'लाभ का पद' भारत के संविधान में भली-भाँति परिभाषित किया गया है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 3
  3. (c) केवल 2 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1 और 2

कथन 1 सही है: संसद (निरर्हता निवारण) अधिनियम, 1959 उन पदों की सूची देता है जिन्हें 'लाभ का पद' मानकर निरर्हता नहीं होती।

कथन 2 को आधिकारिक उत्तर सही मानता है: अधिनियम में कई बार संशोधन हुए हैं (पाँच की संख्या पर मतभेद है)।

कथन 3 गलत है: संविधान 'लाभ का पद' परिभाषित नहीं करता; इसकी कसौटियाँ न्यायालयों ने तय की हैं।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

भारत के संविधान की किस अनुसूची के अधीन जनजातीय भूमि का, खनन के लिए निजी पक्षकारों को अंतरण अकृत और शून्य घोषित किया जा सकता है?
  1. (a) तीसरी अनुसूची
  2. (b) पाँचवीं अनुसूची
  3. (c) नौवीं अनुसूची
  4. (d) बारहवीं अनुसूची
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) पाँचवीं अनुसूची

पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों से संबंधित है; समता (1997) मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में खनन हेतु जनजातीय भूमि का निजी पक्षों को अंतरण अकृत और शून्य है।

भारत के संविधान के संदर्भ में, सामान्य विधियों में अंतर्विष्ट प्रतिषेध अथवा निर्बंधन अथवा उपबंध, अनुच्छेद 142 के अधीन सांविधानिक शक्तियों पर प्रतिषेध अथवा निर्बंधन की तरह कार्य नहीं कर सकते। निम्नलिखित में से कौन-सा एक, इसका अर्थ हो सकता है?
  1. (a) भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय लिए गए निर्णयों को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
  2. (b) भारत का उच्चतम न्यायालय अपनी शक्तियों के प्रयोग में संसद द्वारा निर्मित विधियों से बाध्य नहीं होता।
  3. (c) देश में गंभीर वित्तीय संकट की स्थिति में, भारत का राष्ट्रपति मंत्रिमंडल के परामर्श के बिना वित्तीय आपात घोषित कर सकता है।
  4. (d) कुछ मामलों में राज्य विधानमंडल, संघ विधानमंडल की सहमति के बिना, विधि निर्मित नहीं कर सकते।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) भारत का उच्चतम न्यायालय अपनी शक्तियों के प्रयोग में संसद द्वारा निर्मित विधियों से बाध्य नहीं होता।

अनुच्छेद 142 उच्चतम न्यायालय को 'पूर्ण न्याय' हेतु कोई भी डिक्री या आदेश देने की शक्ति देता है; न्यायालय ने माना है कि सामान्य विधियों की सीमाएँ इस सांविधानिक शक्ति को सीमित नहीं करतीं।

अतः इसके प्रयोग में उच्चतम न्यायालय संसद द्वारा बनाई गई विधियों से बाध्य नहीं होता।

भारत के किसी राज्य की विधान सभा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. वर्ष के प्रथम सत्र के प्रारंभ में राज्यपाल सदन के सदस्यों के लिए रूढ़िगत संबोधन करता है।

2. जब किसी विशिष्ट विषय पर राज्य विधानमंडल के पास कोई नियम नहीं होता, तो उस विषय पर वह लोक सभा के नियम का पालन करता है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 176 के तहत राज्यपाल प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरंभ में विधानमंडल को संबोधित करता है।

कथन 2 को आधिकारिक उत्तर सही मानता है: जहाँ राज्य विधानमंडल के नियम मौन हों, वहाँ वह लोक सभा की प्रथा का पालन करता है।

भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने के किसी व्यक्ति के अधिकार को संरक्षण देता है?
  1. (a) अनुच्छेद 19
  2. (b) अनुच्छेद 21
  3. (c) अनुच्छेद 25
  4. (d) अनुच्छेद 29
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) अनुच्छेद 21

उच्चतम न्यायालय (शफीन जहाँ/हादिया मामला, 2018, और शक्ति वाहिनी, 2018) ने माना कि अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह का अधिकार अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का भाग है।

निम्नलिखित में से किस एक का यह सुझाव था कि राज्यपाल को उस राज्य के बाहर का एक प्रतिष्ठित व्यक्ति होना चाहिए और उसे एक ऐसा तटस्थ व्यक्ति होना चाहिए जिसके गहन राजनीतिक जुड़ाव न हों या उसने हाल के पिछले वर्षों में राजनीति में भाग नहीं लिया हो?
  1. (a) पहला प्रशासनिक सुधार आयोग (1966)
  2. (b) राजमन्नार समिति (1969)
  3. (c) सरकारिया आयोग (1983)
  4. (d) संविधान के कार्यचालन की समीक्षा हेतु राष्ट्रीय आयोग (2000)
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) सरकारिया आयोग (1983)

सरकारिया आयोग (1983) ने सिफ़ारिश की कि राज्यपाल राज्य के बाहर का प्रतिष्ठित, स्थानीय राजनीति से न जुड़ा तटस्थ व्यक्ति हो, जिसने हाल में राजनीति में सक्रिय भाग न लिया हो।

भारत में दूरसंचार, बीमा, विद्युत् आदि जैसे क्षेत्रकों में स्वतंत्र नियामकों का पुनरीक्षण निम्नलिखित में से कौन करते/करती हैं?

1. संसद द्वारा गठित तदर्थ समितियाँ

2. संसदीय विभाग संबंधी स्थायी समितियाँ

3. वित्त आयोग

4. वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग

5. नीति (NITI) आयोग

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a) 1 और 2
  2. (b) 1, 3 और 4
  3. (c) 3, 4 और 5
  4. (d) 2 और 5
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) 1 और 2

स्वतंत्र नियामकों की समीक्षा संसद तदर्थ समितियों और विभाग संबंधी स्थायी समितियों के माध्यम से करती है।

वित्त आयोग, FSLRC (जिसने सिफ़ारिशें दीं, नियमित समीक्षा नहीं) और नीति आयोग उनकी समीक्षा नहीं करते।

मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. गर्भवती महिलाएँ, प्रसव पूर्व तीन महीने और प्रसवोत्तर तीन महीने के लिए सवेतन अवकाश की हकदार हैं।

2. शिशुगृहों वाले प्रतिष्ठानों के लिए माता को प्रतिदिन कम-से-कम छह बार शिशुगृह जाने की अनुमति देना अनिवार्य होगा।

3. दो बच्चों वाली महिलाओं को न्यूनीकृत हक मिलेंगे।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2
  3. (c) केवल 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 3

कथन 1 गलत है: 2017 का संशोधन 26 सप्ताह का सवेतन अवकाश देता है, जिसमें प्रसव से पहले अधिकतम 8 सप्ताह हो सकते हैं।

कथन 2 गलत है: शिशुगृह वाले प्रतिष्ठानों को दिन में चार बार जाने की अनुमति देनी होती है।

कथन 3 सही है: दो या अधिक बच्चों वाली महिलाओं को 26 के बजाय 12 सप्ताह मिलते हैं।

भारत के संविधान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. किसी भी केंद्रीय विधि को सांविधानिक रूप से अवैध घोषित करने की किसी भी उच्च न्यायालय की अधिकारिता नहीं होगी।

2. भारत के संविधान के किसी भी संशोधन पर भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

कथन 1 गलत है: उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत केंद्रीय विधियों को असांविधानिक घोषित कर सकते हैं।

कथन 2 गलत है: मूल ढाँचा सिद्धांत (केशवानंद भारती, 1973) के तहत उच्चतम न्यायालय संविधान संशोधनों को रद्द कर सकता है।

राज्य-व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस एक को आप स्वतंत्रता की सर्वाधिक उपयुक्त व्याख्या के रूप में स्वीकार करेंगे?
  1. (a) राजनीतिक शासकों की तानाशाही के विरुद्ध संरक्षण
  2. (b) नियंत्रण का अभाव
  3. (c) इच्छानुसार कुछ भी करने का अवसर
  4. (d) स्वयं को पूर्णतः विकसित करने का अवसर
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) स्वयं को पूर्णतः विकसित करने का अवसर

राजनीतिक सिद्धांत में स्वतंत्रता का सकारात्मक अर्थ स्वयं को पूर्णतः विकसित करने का अवसर है; केवल नियंत्रण का अभाव या इच्छानुसार कुछ भी करना स्वतंत्रता नहीं है।

UPSC 2018

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. पहली लोक सभा में विपक्ष में सबसे बड़ा राजनीतिक दल स्वतन्त्र पार्टी था।

2. लोक सभा में "नेता प्रतिपक्ष" को सर्वप्रथम 1969 में मान्यता दी गई थी।

3. लोक सभा में यदि किसी दल के न्यूनतम 75 सदस्य न हों तो उसके नेता को नेता-प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता नहीं मिल सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1 और 3
  2. (b) केवल 2
  3. (c) केवल 2 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: पहली लोक सभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी था; स्वतंत्र पार्टी की स्थापना 1959 में ही हुई।

कथन 2 सही है: 1969 में राम सुभग सिंह को पहला नेता प्रतिपक्ष माना गया।

कथन 3 गलत है: परंपरा के अनुसार दल के पास सदन की 10% (55) सदस्य संख्या चाहिए, 75 नहीं।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत की संसद किसी क़ानून विशेष को भारत के संविधान की नौवीं अनुसूची में डाल सकती है।

2. नौवीं अनुसूची में डाले गए किसी क़ानून की वैधता का परीक्षण किसी न्यायालय द्वारा नहीं किया जा सकता एवं उसके ऊपर कोई निर्णय भी नहीं किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1

कथन 1 सही है: संसद संविधान संशोधन द्वारा किसी कानून को नौवीं अनुसूची में डाल सकती है (अनुच्छेद 31B)।

कथन 2 गलत है: आई. आर. कोएल्हो (2007) में उच्चतम न्यायालय ने माना कि 24 अप्रैल 1973 के बाद जोड़े गए कानूनों की मूल ढाँचे के उल्लंघन पर समीक्षा हो सकती है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. आधार कार्ड का प्रयोग नागरिकता या अधिवास के प्रमाण के रूप में किया जा सकता है।

2. एक बार जारी करने के पश्चात् इसे निर्गत करने वाला प्राधिकरण आधार संख्या को निष्क्रिय या लुप्त नहीं कर सकता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

कथन 1 गलत है: आधार पहचान और पते का प्रमाण है, नागरिकता या अधिवास का नहीं।

कथन 2 गलत है: आधार अधिनियम और विनियमों के तहत UIDAI आधार संख्या को निष्क्रिय या लुप्त कर सकता है।

भारत की संसद के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सी संसदीय समिति इसकी संवीक्षा करती है और सदन को सूचित करती है कि जो विनियम, नियम, उप-नियम, उप-विधि, आदि बनाने की शक्तियाँ संविधान द्वारा प्रदत्त हैं या सदन द्वारा प्रत्यायोजित हैं उनका कार्यपालिका द्वारा इन प्रत्यायोजनों (डेलिगेशन) की परिधि के भीतर उचित प्रयोग हो रहा है?
  1. (a) सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति
  2. (b) अधीनस्थ विधान संबंधी समिति
  3. (c) नियम समिति
  4. (d) कार्य सलाहकार (बिज़नेस ऐडवाइज़री) समिति
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) अधीनस्थ विधान संबंधी समिति

अधीनस्थ विधान संबंधी समिति जाँचती है कि कार्यपालिका संविधान या संसद द्वारा प्रत्यायोजित नियम, विनियम और उप-विधि बनाने की शक्तियों का उचित प्रयोग कर रही है या नहीं।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. शिक्षा का अधिकार (आर.टी.ई.) अधिनियम के अनुसार किसी राज्य में शिक्षक के रूप में नियुक्त होने हेतु अर्ह होने के लिए किसी व्यक्ति में संबंधित राज्य अध्यापक शिक्षा परिषद् द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता का होना आवश्यक है।

2. आर.टी.ई. अधिनियम के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण हेतु किसी अभ्यर्थी के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिए गए अध्यापक अर्हता परीक्षण में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

3. भारत में 90% से अधिक अध्यापक शिक्षा संस्थान प्रत्यक्ष रूप से राज्य सरकारों के अधीन हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: RTE अधिनियम के तहत शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता केंद्र द्वारा अधिसूचित शैक्षणिक प्राधिकरण NCTE तय करता है, राज्य परिषदें नहीं।

कथन 2 सही है: शिक्षक को NCTE के दिशानिर्देशों के अनुसार अध्यापक अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।

कथन 3 गलत है: 90% से अधिक अध्यापक शिक्षा संस्थान निजी हैं।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 ने खाद्य अपमिश्रण की रोकथाम (प्रिवेंशन ऑफ़ फूड एडल्टरेशन) अधिनियम, 1954 को प्रतिस्थापित किया।

2. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई.) केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक के प्रभार में है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1

कथन 1 सही है: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 और अन्य खाद्य कानूनों का स्थान लिया।

कथन 2 गलत है: FSSAI स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन स्वायत्त निकाय है जिसके अपने अध्यक्ष और CEO हैं, यह स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक के प्रभार में नहीं है।

धन विधेयक के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
  1. (a) किसी बिल (विधेयक) को धन विधेयक तब माना जाएगा जब इसमें केवल किसी कर के अधिरोपण, उन्मूलन, माफी, परिवर्तन या विनियमन से संबंधित प्रावधान हों।
  2. (b) धन विधेयक में भारत की संचित निधि एवं भारत की आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा से संबंधित उपबंध होते हैं।
  3. (c) धन विधेयक भारत की आकस्मिकता निधि से धन के विनियोजन से संबंधित होता है।
  4. (d) धन विधेयक भारत सरकार द्वारा धन के उधार लेने या कोई प्रत्याभूति देने के विनियमन से संबंधित होता है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) धन विधेयक भारत की आकस्मिकता निधि से धन के विनियोजन से संबंधित होता है।

कथन (c) सही नहीं है: अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक भारत की संचित निधि से धन के विनियोग से संबंधित होता है, आकस्मिकता निधि से नहीं।

अन्य तीनों अनुच्छेद 110(1) में सूचीबद्ध विषय हैं।

भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. प्रत्येक एम.एल.ए. के वोट का मूल्य अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होता है।

2. लोक सभा के सदस्यों के वोट का मूल्य राज्य सभा के सदस्यों के वोट के मूल्य से अधिक होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1

कथन 1 सही है: विधायक के मत का मूल्य राज्य की जनसंख्या को विधायकों की संख्या से भाग देकर निकलता है, अतः राज्यों में अलग होता है।

कथन 2 गलत है: दोनों सदनों के प्रत्येक सांसद के मत का मूल्य समान होता है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. विधान सभा का/की अध्यक्ष, यदि विधान सभा का/की सदस्य नहीं रहता है/रहती है तो अपना पद रिक्त कर देगा/देगी।

2. जब कभी विधान सभा का विघटन किया जाता है तो अध्यक्ष अपने पद को तुरंत रिक्त कर देगा/देगी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) केवल 1

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 179 के तहत विधान सभा की सदस्यता समाप्त होने पर अध्यक्ष पद रिक्त करता है।

कथन 2 गलत है: विघटन पर अध्यक्ष नई विधान सभा की पहली बैठक से ठीक पहले तक पद पर रहता है।

विधि और स्वाधीनता के बीच सबसे उपयुक्त संबंध को, निम्नलिखित में से कौन प्रतिबिम्बित करता है?
  1. (a) यदि विधियाँ अधिक होती हैं तो स्वाधीनता कम होती है।
  2. (b) यदि विधि नहीं हैं तो स्वाधीनता भी नहीं है।
  3. (c) यदि स्वाधीनता है तो विधि-निर्माण जनता को करना होगा।
  4. (d) यदि विधि-परिवर्तन बार-बार होता है तो वह स्वाधीनता के लिए ख़तरा है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) यदि विधि नहीं हैं तो स्वाधीनता भी नहीं है।

विधियाँ वे परिस्थितियाँ बनाती हैं जिनमें स्वाधीनता का प्रयोग और संरक्षण हो सके; विधि के बिना अराजकता होगी और वास्तविक स्वाधीनता नहीं रहेगी।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. किसी राज्य के राज्यपाल के विरुद्ध उसकी पदावधि के दौरान किसी न्यायालय में कोई दांडिक कार्यवाही संस्थित नहीं की जाएगी।

2. किसी राज्य के राज्यपाल की परिलब्धियाँ और भत्ते उसकी पदावधि के दौरान कम नहीं किए जाएँगे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों

दोनों सही हैं: अनुच्छेद 361(2) पदावधि के दौरान राज्यपाल के विरुद्ध दांडिक कार्यवाही पर रोक लगाता है, और अनुच्छेद 158(4) कहता है कि पदावधि के दौरान राज्यपाल की परिलब्धियाँ और भत्ते कम नहीं किए जाएँगे।

निम्नलिखित में से किनको "विधि के शासन" के प्रमुख लक्षणों के रूप में माना जाएगा?

1. शक्तियों का परिसीमन

2. विधि के समक्ष समता

3. सरकार के प्रति जन-उत्तरदायित्व

4. स्वतन्त्रता और नागरिक अधिकार

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 3
  2. (b) केवल 2 और 4
  3. (c) केवल 1, 2 और 4
  4. (d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 1, 2 और 4

विधि के शासन का अर्थ है सरकार की शक्ति पर सीमाएँ, विधि के समक्ष समता, और स्वतंत्रता व नागरिक अधिकारों का संरक्षण।

'सरकार के प्रति जन-उत्तरदायित्व' इसका लक्षण नहीं है; विधि का शासन सरकार को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाता है।

यदि भारत का राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 356 के अधीन यथा उपबंधित अपनी शक्तियों का किसी विशेष राज्य के संबंध में प्रयोग करता है, तो
  1. (a) उस राज्य की विधान सभा स्वतः भंग हो जाती है।
  2. (b) उस राज्य के विधानमंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोज्य होंगी।
  3. (c) उस राज्य में अनुच्छेद 19 निलंबित हो जाता है।
  4. (d) राष्ट्रपति उस राज्य से संबंधित विधियाँ बना सकता है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) उस राज्य के विधानमंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोज्य होंगी।

अनुच्छेद 356(1)(b) के तहत राष्ट्रपति घोषित कर सकता है कि राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोज्य होंगी।

विधान सभा स्वतः भंग नहीं होती, अनुच्छेद 19 निलंबित नहीं होता, और राज्य के कानून संसद बनाती है, राष्ट्रपति सीधे नहीं।

निजता के अधिकार को जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के अधिकार के अंतर्भूत भाग के रूप में संरक्षित किया जाता है। भारत के संविधान में निम्नलिखित में से किससे उपर्युक्त कथन सही एवं समुचित ढंग से अर्थित होता है?
  1. (a) अनुच्छेद 14 एवं संविधान के 42वें संशोधन के अधीन उपबंध
  2. (b) अनुच्छेद 17 एवं भाग IV में दिए राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
  3. (c) अनुच्छेद 21 एवं भाग III में गारंटी की गई स्वतंत्रताएँ
  4. (d) अनुच्छेद 24 एवं संविधान के 44वें संशोधन के अधीन उपबंध
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) अनुच्छेद 21 एवं भाग III में गारंटी की गई स्वतंत्रताएँ

के. एस. पुट्टास्वामी (2017) में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि निजता अनुच्छेद 21 के जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार और भाग III की स्वतंत्रताओं का अंतर्भूत भाग है।

UPSC 2017

भारत की संसद् के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. गैर-सरकारी विधेयक ऐसा विधेयक है जो संसद् के ऐसे सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो निर्वाचित नहीं है किन्तु भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्दिष्ट है।

2. हाल ही में, भारत की संसद् के इतिहास में पहली बार एक गैर-सरकारी विधेयक पारित किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

कथन 1 गलत है: गैर-सरकारी विधेयक कोई भी ऐसा सांसद प्रस्तुत करता है जो मंत्री नहीं है, चाहे निर्वाचित हो या नामनिर्दिष्ट।

कथन 2 गलत है: संसद ने 14 गैर-सरकारी विधेयक पारित किए हैं; अंतिम 1970 में कानून बना।

समाज में समानता के होने का एक निहितार्थ यह है कि उसमें
  1. (a) विशेषाधिकारों का अभाव है
  2. (b) अवरोधों का अभाव है
  3. (c) प्रतिस्पर्धा का अभाव है
  4. (d) विचारधारा का अभाव है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) विशेषाधिकारों का अभाव है

समाज में समानता का अर्थ है कि किसी व्यक्ति या समूह को विशेषाधिकार नहीं; सबके समान अधिकार और अवसर हैं।

संविधान के 42वें संशोधन द्वारा, निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धान्त राज्य की नीति के निदेशक तत्त्वों में जोड़ा गया था?
  1. (a) पुरुष और स्त्री दोनों के लिए समान कार्य का समान वेतन
  2. (b) उद्योगों के प्रबन्धन में कामगारों की सहभागिता
  3. (c) काम, शिक्षा और सार्वजनिक सहायता पाने का अधिकार
  4. (d) श्रमिकों के लिए निर्वाह-योग्य वेतन एवं काम की मानवीय दशाएँ सुरक्षित करना
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) उद्योगों के प्रबन्धन में कामगारों की सहभागिता

42वें संशोधन (1976) ने अनुच्छेद 39A और 48A के साथ अनुच्छेद 43A, उद्योगों के प्रबंधन में कामगारों की भागीदारी, जोड़ा।

समान वेतन, निर्वाह मज़दूरी और काम का अधिकार मूल संविधान में थे।

निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
  1. (a) अधिकार नागरिकों के विरुद्ध राज्य के दावे हैं।
  2. (b) अधिकार वे विशेषाधिकार हैं जो किसी राज्य के संविधान में समाविष्ट हैं।
  3. (c) अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।
  4. (d) अधिकार अधिकांश लोगों के विरुद्ध कुछ नागरिकों के विशेषाधिकार हैं।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।

अधिकार राज्य के विरुद्ध व्यक्तियों के दावे हैं, जिन्हें राज्य मान्यता और संरक्षण देता है।

स्थानीय स्वशासन की सर्वोत्तम व्याख्या यह की जा सकती है कि यह एक प्रयोग है
  1. (a) संघवाद का
  2. (b) लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का
  3. (c) प्रशासकीय प्रत्यायोजन का
  4. (d) प्रत्यक्ष लोकतंत्र का
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का

स्थानीय स्वशासन निर्वाचित स्थानीय निकायों (पंचायत, नगरपालिका) को शक्ति हस्तांतरित करता है, अतः यह लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का प्रयोग है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

भारत के संविधान के सन्दर्भ में, राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

1. विधायिका के कृत्यों पर निर्बन्धन करते हैं।

2. कार्यपालिका के कृत्यों पर निर्बन्धन करते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

निदेशक तत्त्व न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं (अनुच्छेद 37); ये विधि-निर्माण और शासन के लिए मार्गदर्शक हैं, विधायी या कार्यपालक कृत्यों पर निर्बंधन नहीं।

निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से भारतीय नागरिक के मूल कर्तव्यों के विषय में सही है/हैं?

1. इन कर्तव्यों को प्रवर्तित करने के लिए एक विधायी प्रक्रिया दी गई है।

2. वे विधिक कर्तव्यों के साथ परस्पर संबंधित हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

कथन 1 गलत है: मूल कर्तव्यों को प्रवर्तित करने की कोई विधायी प्रक्रिया संविधान में नहीं है।

कथन 2 गलत है: मूल कर्तव्य नैतिक दायित्व हैं, विधिक कर्तव्यों के सह-संबंधी नहीं।

निम्नलिखित उद्देश्यों में से कौन-सा एक भारत के संविधान की उद्देशिका में सन्निविष्ट नहीं है?
  1. (a) विचार की स्वतंत्रता
  2. (b) आर्थिक स्वतंत्रता
  3. (c) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. (d) विश्वास की स्वतंत्रता
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) आर्थिक स्वतंत्रता

उद्देशिका विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता का वचन देती है।

आर्थिक स्वतंत्रता का उल्लेख नहीं है; उद्देशिका आर्थिक न्याय की बात करती है।

लोकतंत्र का उत्कृष्ट गुण यह है कि वह क्रियाशील बनाता है
  1. (a) साधारण पुरुषों और महिलाओं की बुद्धि और चरित्र को।
  2. (b) कार्यपालक नेतृत्व को सशक्त बनाने वाली पद्धतियों को।
  3. (c) गतिशीलता और दूरदर्शिता से युक्त एक बेहतर व्यक्ति को।
  4. (d) समर्पित दलीय कार्यकर्ताओं के एक समूह को।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) साधारण पुरुषों और महिलाओं की बुद्धि और चरित्र को।

लोकतंत्र का मुख्य गुण यह है कि वह साधारण पुरुषों और महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में लाकर उनकी बुद्धि और चरित्र को क्रियाशील बनाता है।

संसदीय स्वरूप के शासन का प्रमुख लाभ यह है कि
  1. (a) कार्यपालिका और विधानमण्डल दोनों स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।
  2. (b) यह नीति की निरन्तरता प्रदान करता है और यह अधिक दक्ष है।
  3. (c) कार्यपालिका, विधानमण्डल के प्रति उत्तरदायी बनी रहती है।
  4. (d) सरकार के अध्यक्ष को निर्वाचन के बिना नहीं बदला जा सकता।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) कार्यपालिका, विधानमण्डल के प्रति उत्तरदायी बनी रहती है।

संसदीय प्रणाली में कार्यपालिका विधायिका से आती है और उसके प्रति उत्तरदायी रहती है, जो अविश्वास प्रस्ताव से उसे हटा सकती है।

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा अधिकारों और कर्तव्यों के बीच सही संबंध है?
  1. (a) अधिकार कर्तव्यों के साथ सह-संबंधित हैं।
  2. (b) अधिकार व्यक्तिगत हैं अतः समाज और कर्तव्यों से स्वतंत्र हैं।
  3. (c) नागरिक के व्यक्तित्व के विकास के लिए अधिकार, न कि कर्तव्य, महत्त्वपूर्ण हैं।
  4. (d) राज्य के स्थायित्व के लिए कर्तव्य, न कि अधिकार, महत्त्वपूर्ण हैं।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) अधिकार कर्तव्यों के साथ सह-संबंधित हैं।

अधिकार और कर्तव्य सह-संबंधी हैं: प्रत्येक अधिकार के साथ दूसरों का कर्तव्य और अधिकारधारी का दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने का कर्तव्य जुड़ा है।

भारत के संविधान के निर्माताओं का मत निम्नलिखित में से किसमें प्रतिबिंबित होता है?
  1. (a) उद्देशिका
  2. (b) मूल अधिकार
  3. (c) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
  4. (d) मूल कर्तव्य
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) उद्देशिका

उद्देशिका संविधान निर्माताओं के मन की कुंजी है; इसमें वे आदर्श और उद्देश्य हैं जिन्हें वे प्राप्त करना चाहते थे।

भारत की संसद् किसके/किनके द्वारा मंत्रिपरिषद् के कृत्यों के ऊपर नियंत्रण रखती है?

1. स्थगन प्रस्ताव

2. प्रश्न काल

3. अनुपूरक प्रश्न

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2 और 3
  3. (c) केवल 1 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) 1, 2 और 3

तीनों कार्यपालिका पर संसदीय नियंत्रण के साधन हैं: स्थगन प्रस्ताव तात्कालिक मुद्दे उठाता है, प्रश्नकाल मंत्रियों को उत्तरदायी बनाता है, और अनुपूरक प्रश्न उनके उत्तरों की पड़ताल करते हैं।

लोक सभा के निर्वाचन के लिए नामांकन-पत्र
  1. (a) भारत में निवास करने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा दाखिल किया जा सकता है।
  2. (b) जिस निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचन लड़ा जाना है, वहाँ के किसी निवासी द्वारा दाखिल किया जा सकता है।
  3. (c) भारत के किसी नागरिक द्वारा, जिसका नाम किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में है, दाखिल किया जा सकता है।
  4. (d) भारत के किसी भी नागरिक द्वारा दाखिल किया जा सकता है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) भारत के किसी नागरिक द्वारा, जिसका नाम किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में है, दाखिल किया जा सकता है।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत लोक सभा का उम्मीदवार भारत का नागरिक और किसी भी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत मतदाता होना चाहिए।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. लोक सभा अथवा राज्य की विधान सभा के निर्वाचन में, जीतने वाले उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित किए जाने के लिए, किए गए मतदान का कम-से-कम 50 प्रतिशत पाना अनिवार्य है।

2. भारत के संविधान में अधिकथित उपबंधों के अनुसार, लोक सभा में अध्यक्ष का पद बहुमत वाले दल को जाता है तथा उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

कथन 1 गलत है: भारत में सर्वाधिक मत पाने वाला जीतता है, 50% से कम मत पर भी।

कथन 2 गलत है: संविधान उपाध्यक्ष पद विपक्ष के लिए आरक्षित नहीं करता; यह केवल परंपरा है।

भारत में मताधिकार और निर्वाचित होने का अधिकार
  1. (a) मूल अधिकार है
  2. (b) नैसर्गिक अधिकार है
  3. (c) संवैधानिक अधिकार है
  4. (d) विधिक अधिकार है
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) संवैधानिक अधिकार है

मताधिकार अनुच्छेद 326 (वयस्क मताधिकार) पर आधारित है और चुनाव लड़ने का अधिकार संविधान व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम से नियंत्रित है।

आधिकारिक उत्तर इसे संवैधानिक अधिकार मानता है; उच्चतम न्यायालय ने कुछ निर्णयों में इसे सांविधिक अधिकार कहा है।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत का निर्वाचन आयोग पाँच सदस्यीय निकाय है।

2. संघ का गृह मंत्रालय, आम चुनाव और उप-चुनावों दोनों के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करता है।

3. निर्वाचन आयोग मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन/विलय से संबंधित विवाद निपटाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 2
  3. (c) केवल 2 और 3
  4. (d) केवल 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) केवल 3

कथन 1 गलत है: निर्वाचन आयोग में तीन सदस्य हैं (मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त)।

कथन 2 गलत है: चुनाव कार्यक्रम आयोग स्वयं तय करता है।

कथन 3 सही है: यह चुनाव चिह्न आदेश, 1968 के तहत मान्यता प्राप्त दलों के विभाजन और विलय के विवाद निपटाता है।

भारत में, न्यायिक पुनरीक्षण का अर्थ है
  1. (a) विधियों और कार्यपालिक आदेशों की सांविधानिकता के विषय में प्राख्यापन करने का न्यायपालिका का अधिकार।
  2. (b) विधानमण्डलों द्वारा निर्मित विधियों के प्रज्ञान को प्रश्नगत करने का न्यायपालिका का अधिकार।
  3. (c) न्यायपालिका का, सभी विधायी अधिनियमनों के, राष्ट्रपति द्वारा उन पर सहमति प्रदान किए जाने के पूर्व, पुनरीक्षण का अधिकार।
  4. (d) न्यायपालिका का, समान या भिन्न वादों में पूर्व में दिए गए स्वयं के निर्णयों के पुनरीक्षण का अधिकार।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (a) विधियों और कार्यपालिक आदेशों की सांविधानिकता के विषय में प्राख्यापन करने का न्यायपालिका का अधिकार।

न्यायिक पुनरीक्षण न्यायालयों की वह शक्ति है जिससे वे जाँचते हैं कि विधियाँ और कार्यपालक कार्य संविधान के अनुरूप हैं या नहीं, और न होने पर उन्हें रद्द करते हैं।

किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा के निम्नलिखित में से कौन-से परिणामों का होना आवश्यक नहीं है?

1. राज्य विधान सभा का विघटन

2. राज्य के मंत्रिपरिषद् का हटाया जाना

3. स्थानीय निकायों का विघटन

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1 और 2
  2. (b) केवल 1 और 3
  3. (c) केवल 2 और 3
  4. (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 1 और 3

अनुच्छेद 356 के तहत मंत्रिपरिषद् अनिवार्यतः हटती है।

विधान सभा भंग या निलंबित रखी जा सकती है, और स्थानीय निकाय भंग नहीं होते, अतः 1 और 3 आवश्यक परिणाम नहीं हैं।

भारत के संविधान में शोषण के विरुद्ध अधिकार द्वारा निम्नलिखित में से कौन-से परिकल्पित हैं?

1. मानव देह व्यापार और बंधुआ मज़दूरी (बेगारी) का निषेध

2. अस्पृश्यता का उन्मूलन

3. अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा

4. कारखानों और खदानों में बच्चों के नियोजन का निषेध

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. (a) केवल 1, 2 और 4
  2. (b) केवल 2, 3 और 4
  3. (c) केवल 1 और 4
  4. (d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 4

शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23–24) मानव दुर्व्यापार, बलात् श्रम और कारखानों व खदानों में बच्चों के नियोजन का निषेध करता है।

अस्पृश्यता उन्मूलन अनुच्छेद 17 में और अल्पसंख्यक अधिकार अनुच्छेद 29–30 में हैं।

निम्नलिखित कथनों में से उस एक को चुनिए, जो मंत्रिमण्डल स्वरूप की सरकार के अन्तर्निहित सिद्धान्त को अभिव्यक्त करता है :
  1. (a) ऐसी सरकार के विरुद्ध आलोचना को कम-से-कम करने की व्यवस्था, जिसके उत्तरदायित्व जटिल हैं तथा उन्हें सभी के संतोष के लिए निष्पादित करना कठिन है।
  2. (b) ऐसी सरकार के कामकाज में तेज़ी लाने की क्रियाविधि, जिसके उत्तरदायित्व दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं।
  3. (c) सरकार के जनता के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करने के लिए संसदीय लोकतंत्र की एक क्रियाविधि।
  4. (d) उस शासनाध्यक्ष के हाथों को मज़बूत करने का एक साधन जिसका जनता पर नियंत्रण ह्रासोन्मुख दशा में है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (c) सरकार के जनता के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करने के लिए संसदीय लोकतंत्र की एक क्रियाविधि।

मंत्रिमंडलीय सरकार सामूहिक उत्तरदायित्व पर आधारित है: मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति और उसके माध्यम से जनता के प्रति उत्तरदायी है।

निम्नलिखित में से कौन-सी एक भारतीय संघराज्य पद्धति की विशेषता नहीं है?
  1. (a) भारत में स्वतन्त्र न्यायपालिका है।
  2. (b) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है।
  3. (c) संघबद्ध होने वाली इकाइयों को राज्य सभा में असमान प्रतिनिधित्व दिया गया है।
  4. (d) यह संघबद्ध होने वाली इकाइयों के बीच एक सहमति का परिणाम है।
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) यह संघबद्ध होने वाली इकाइयों के बीच एक सहमति का परिणाम है।

भारतीय संघवाद राज्यों के बीच समझौते का परिणाम नहीं है; यह संविधान द्वारा बना, और संसद राज्यों का पुनर्गठन कर सकती है ('विनाशी राज्यों का अविनाशी संघ')।

UPSC 2016

निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

1. लोक सभा में लम्बित कोई विधेयक उसके सत्रावसान पर व्यपगत (लैप्स) हो जाता है।

2. राज्य सभा में लम्बित कोई विधेयक, जिसे लोक सभा ने पारित नहीं किया है, लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होगा।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: सत्रावसान से सत्र समाप्त होता है, पर लम्बित विधेयक व्यपगत नहीं होते; लोक सभा में लम्बित विधेयक केवल उसके विघटन पर व्यपगत होते हैं।

कथन 2 सही है: राज्य सभा में लम्बित वह विधेयक, जिसे लोक सभा ने पारित नहीं किया, लोक सभा के विघटन पर भी बना रहता है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. किसी राज्य में मुख्य सचिव को उस राज्य के राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है।

2. राज्य में मुख्य सचिव का नियत कार्यकाल होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) न तो 1, न ही 2

आधिकारिक उत्तर के अनुसार कोई सही नहीं है: मुख्य सचिव का चयन मुख्यमंत्री करते हैं (नियुक्ति राज्य सरकार का कार्यपालक निर्णय है), और इस पद का कोई नियत कार्यकाल नहीं है।

इस व्याख्या की जाँच विषय विशेषज्ञ द्वारा की जा रही है।

'ग्राम न्यायालय अधिनियम' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

1. इस अधिनियम के अनुसार ग्राम न्यायालय केवल सिविल मामलों की सुनवाई कर सकता है, आपराधिक मामलों की नहीं।

2. यह अधिनियम स्थानीय सामाजिक सक्रियतावादियों को मध्यस्थ/सुलहकर्ता के रूप में स्वीकार करता है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: ग्राम न्यायालय (2008 का अधिनियम) निर्धारित सीमा में सिविल और आपराधिक दोनों मामले सुनते हैं।

कथन 2 सही है: अधिनियम ग्राम स्तर के सामाजिक कार्यकर्ताओं को सुलहकर्ता नियुक्त करने की अनुमति देता है।

राष्ट्र हित में भारत की संसद् राज्य सूची के किसी भी विषय पर विधिक शक्ति प्राप्त कर लेती है यदि इसके लिए एक संकल्प
  1. (a) लोक सभा द्वारा अपनी सम्पूर्ण सदस्यता के साधारण बहुमत से पारित कर लिया जाए
  2. (b) लोक सभा द्वारा अपनी सम्पूर्ण सदस्य संख्या के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर लिया जाए
  3. (c) राज्य सभा द्वारा अपनी सम्पूर्ण सदस्यता के साधारण बहुमत से पारित कर लिया जाए
  4. (d) राज्य सभा द्वारा अपने उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर लिया जाए
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) राज्य सभा द्वारा अपने उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर लिया जाए

अनुच्छेद 249 के तहत, राज्य सभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से संकल्प पारित करे तो संसद् राष्ट्र हित में राज्य सूची के विषय पर विधि बना सकती है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. किसी भी व्यक्ति के लिए पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम निर्धारित आयु 25 वर्ष है।

2. पंचायत के समयपूर्व भंग होने के पश्चात् पुनर्गठित पंचायत केवल अवशिष्ट समय के लिए ही जारी रहती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (a) केवल 1
  2. (b) केवल 2
  3. (c) 1 और 2 दोनों
  4. (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: पंचायत सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है (अनुच्छेद 243F)।

कथन 2 सही है: अनुच्छेद 243E के तहत समयपूर्व भंग के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल मूल कार्यकाल के शेष समय तक रहती है।

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